Publish Date: Tue, 01 Sep 2020 (17:34 IST)
Updated Date: Tue, 01 Sep 2020 (17:58 IST)
इस साल पितृ पक्ष के एक माह बाद शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। हर साल पितृ अमावस्या के अगले दिन से शारदीय नवरात्र प्रारंभ होते थे। क्योंकि इस बार श्राद्ध पक्ष के समाप्त होते ही अधिक मास लग जाएगा। इसलिए शारदीय नवरात्र करीब एक माह बाद शुरू होंगे।
अधिकमास लगने से नवरात्र और पितृपक्ष के बीच एक महीने का अंतर आ जाएगा। लीप वर्ष होने के कारण ऐसा हो रहा है। इसलिए इस बार चातुर्मास जो हमेशा चार महीने का होता है, इस बार पांच महीने का होगा। चातुर्मास लगने से विवाह, मुंडन, कर्ण छेदन जैसे मांगलिक कार्य नहीं होंगे। इस काल में पूजन पाठ, व्रत उपवास और साधना का विशेष महत्व होता है।
इस दौरान देव सो जाते हैं और देवउठनी एकादशी के बाद ही देव जागृत होते हैं।
इस साल 17 सितंबर 2020 को श्राद्ध खत्म होंगे। इसके अगले दिन अधिकमास शुरू हो जाएगा, जो 16 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद 17 अक्टूबर से नवरात्रि व्रत रखे जाएंगे। इसके बाद 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी होगी। जिसके साथ ही चातुर्मास समाप्त होंगे।
इसके बाद ही शुभ कार्य जैसे विवाह, मुंडन आदि शुरू होंगे। पंचांग के अनुसार इस साल आश्विन माह का अधिकमास होगा। यानी दो आश्विन मास होंगे।
आश्विन मास में श्राद्ध और नवरात्रि, दशहरा जैसे त्योहार होते हैं। अधिकमास लगने के कारण इस बार दशहरा 26 अक्टूबर को दीपावली भी काफी बाद में 14 नवंबर को मनाई जाएगी।