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Shani: शनि त्रयोदशी पर करें 5 उपाय, शनि दोष और साढ़ेसाती से मिलेगगा छुटकारा

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Photo showing easy remedies for Shani Trayodashi for relief from Shani Dosh and Sadesati
Shani Trayodashi 2026 Remedies: हिंदू धर्म में शनि देव को न्याय और कर्मफल दाता माना जाता है। मान्यता है कि अगर किसी व्यक्ति पर शनि देव की टेढ़ी नजर पड़ जाए, तो बनते काम भी बिगड़ने लगते हैं। लेकिन ज्योतिष शास्त्र में 'शनि त्रयोदशी' को शनि देव को प्रसन्न करने और कुंडली से शनि दोष, ढैय्या या साढ़ेसाती के कुप्रभावों को कम करने के लिए सबसे उत्तम दिन माना गया है।
 
अगर आप भी आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव या करियर में रुकावटों से परेशान हैं, तो इस शनि त्रयोदशी पर नीचे दिए गए 5 अचूक उपाय जरूर करें।ALSO READ: Vakri Budh 2026: बुध की वक्री चाल से बदलेगी 12 राशियों की किस्मत, जानें आपका हाल
 

शनि त्रयोदशी पर करें ये 5 महाउपाय

1. सरसों के तेल का 'छाया दान'

शनि दोष से मुक्ति के लिए छाया दान को सबसे अचूक माना जाता है।
 
उपाय: एक मिट्टी के दीपक या अन्य कटोरी में सरसों का तेल भरें। उसमें अपना चेहरा या परछाई देखें और फिर उस तेल को किसी शनि का दान लेने वाले को दान कर दें या शनि मंदिर में रख आएं। इससे सेहत से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं।
 

2. पीपल के पेड़ के पास जलाएं चौमुखी दीपक

पीपल के वृक्ष में भगवान विष्णु के साथ-साथ सभी देवी-देवताओं का वास माना जाता है और शनि देव को यह वृक्ष अत्यंत प्रिय है।
 
उपाय: शनि त्रयोदशी की शाम को सूर्यास्त के बाद किसी पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का एक चौमुखी अर्थात् चार बत्तियों वाला दीपक जलाएं। इसके बाद पेड़ की सात बार परिक्रमा करें।
 

3. काले तिल और काली उड़द का दान

शनि देव को काली वस्तुएं बेहद प्रिय हैं। इस दिन दान करने से राहु-केतु और शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
 
उपाय: किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को काले तिल, काली उड़द की दाल, काला कपड़ा, छाता या लोहे के बर्तन दान करें। ध्यान रहे कि दान निस्वार्थ भाव से किया जाना चाहिए।
 

4. काले कुत्ते या कौवे को खिलाएं रोटी

शनि देव के वाहन कौवा और विशेषकर काला कुत्ता माने जाते हैं। जीव सेवा से शनि देव बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं।
 
उपाय: शनिवार/त्रयोदशी के दिन सरसों का तेल लगी हुई रोटी काले कुत्ते को खिलाएं। इसके अलावा घर की छत पर कौवों के लिए दाना-पानी रखें। ऐसा करने से कुंडली का पितृदोष और शनि दोष दोनों शांत होते हैं।
 

5. शनि मंत्रों का जाप और हनुमान चालीसा का पाठ

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जो व्यक्ति हनुमान जी की पूजा करता है, उसे शनि देव कभी परेशान नहीं करते।
 
उपाय: शनि त्रयोदशी के दिन शनि मंदिर में जाकर 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके साथ ही हनुमान जी के सामने बैठकर हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।
 
विशेष टिप: शनि त्रयोदशी के दिन भूलकर भी घर में लोहा, सरसों का तेल, काला तिल या नमक खरीदकर न लाएं। इस दिन मांस-मदिरा के सेवन से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें और असहाय लोगों का अपमान न करें।
 
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक किए गए उपायों से शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या और जीवन की बाधाओं में कमी आ सकती है। हालांकि ज्योतिषीय प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली पर निर्भर करते हैं, इसलिए इन्हें आस्था और परंपरा के संदर्भ में देखा जाता है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Vat Savitri Vrat 2026: ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा का क्या है महत्व, पढ़िए पौराणिक कथा

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