प्रत्याशियों के नामांकन भरने के दौरान कलेक्टरी पर रही धूम

गुरुवार, 15 नवंबर 2018 (20:02 IST)
कोटा। राजस्थान में कोटा जिला मुख्यालय पर कलेक्टरी के सामने अगले विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नामांकन भरने आने के कारण गुरुवार को दिनभर धूमधाम रही। ढोलों की थाप और नारेबाजी के बीच प्रत्याशी अपना नामांकन भरने पहुंचे।
 
 
जिले में बुधवार तक जिन प्रमुख प्रत्याशियों ने अपने नामांकन दाखिल किए थे, उनमें प्रमुख रूप से रामगंजमंडी सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी पूर्व मंत्री मदन दिलावर, लाडपुरा से आम आदमी पार्टी के एमपी चतर शामिल हैं।
 
गुरुवार को कोटा (उत्तर) से 'आप' के प्रत्याशी मोहम्मद हुसैन, जो कोटा नगर निगम में पार्षद हैं, अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ जुलूस के रूप में ढोल-ताशों की गूंज और समर्थकों की नारेबाजी के बीच कलेक्टोरेट पहुंचे।
 
उनके अलावा गुरुवार दोपहर तक कोटा (दक्षिण) से सबसे पहले नया भारत पार्टी के प्रत्याशी के रूप में रमेश सिंह तंवर अपना नामांकन भरने पहुंचे। नामांकन भरने पहुंचने वालों में कोटा (उत्तर) से शिवसेना के नीरज अग्रवाल का नाम भी शामिल है, जो कोटड़ी चौराहे से अपने समर्थकों की नारेबाजी के बीच वाहन रैली लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे।
 
चुनाव प्रचार के लिए क्षेत्र का दौरा कर रहे भाजपा की अग्रिम पंक्ति के नेता राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के कार्यकाल के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों में क्रियान्वित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं तथा स्मार्टसिटी परियोजनाओं के साथ ही वस्तु एवं सेवाकर एवं नोटबंदी के फायदे गिनवा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, सांसद हेमा मालिनी, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के अलावा अन्य नेताओं ने राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में चुनावी रैलियों को संबोधित किया।
 
कांग्रेस के स्टार प्रचारक एवं पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी नेता राज बब्बर तथा अन्य नेताओं ने धुआंधार रैली कर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की है। गांधी ने विभिन्न जनसभाओं में राफेल विमान सौदा, बैंकों का कर्ज घोटाला, पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों, किसानों की समस्याओं तथा भ्रष्टाचार को लेकर केंद्र सरकार विशेषकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को घेरा और उन पर जमकर प्रहार किया।
 
भाजपा नेताओं ने बिलासपुर संभाग में विभिन्न चुनावी सभाओं में 60 साल बनाम 15 साल के तुलनात्मक संदर्भ में राज्य में भाजपा सरकार के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों का बखान किया। बिलासपुर के भाजपा उम्मीदवार अपने कार्यकाल के दौरान हजारों करोड़ रुपए के विकास कार्य और शहर को स्मार्टसिटी परियोजना में शामिल किए जाने की उपलब्धियों की बदौलत अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।
 
आसन्न चुनाव में सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार को प्रमुख मुद्दा बनाने वाली कांग्रेस, भाजपा और उसके उम्मीदवारों पर भ्रष्टाचार के आरोपों की झड़ी लगाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है। कांग्रेस का आरोप है कि अंडरग्राउंड सीवरेज परियोजना में भारी भ्रष्टाचार हुआ है और यह परियोजना पिछले 10 सालों से जारी है लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई। शहर की सड़कों की बेतरतीब खुदाई कर बिलासपुर को खोदापुर बना दिया गया है। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं-परियोजनाओं में घोटालों सहित विकास कार्यों के क्रियान्वयन में ठेकों के जरिए अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
 
कांग्रेस के उम्मीदवार शिक्षाविद शैलेष पांडेय को कांग्रेस के परंपरागत मतदाताओं के साथ ही युवा एवं छात्र वर्ग तथा नए मतदाताओं का भरपूर समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस ने एक प्रकार से जातिगत समीकरण का भी दांव खेला है। कांग्रेस उम्मीदवार शैलेष पांडेय पिछले 20 सालों से बिलासपुर सीट पर कब्जा किए भाजपा विधायक अमर अग्रवाल को बिलासपुर का हर तरह से दोहन के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और जनता से इस बार सही निर्णय लेने की अपील कर रहे हैं।

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