Publish Date: Thu, 03 Oct 2024 (16:42 IST)
Updated Date: Thu, 03 Oct 2024 (16:46 IST)
त्रिपुरा सुंदरी माता मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष कांतिलाल पंचाल ने बताया कि नवरात्र उत्सव के दौरान पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर तलवाड़ा में स्थित मंदिर में घटस्थापना पंडित निकुंज मोहन पंड्या के निर्देशन में हुई।
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध देवी मंदिरों में से एक है जहां देश भर से आम लोगों के अलावा राजनेता भी अक्सर आते हैं। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव नटवरलाल पंचाल ने बताया कि नवरात्रों के पहले दिन के लिए 12.25 क्विंटल विशेष प्रसाद तैयार किया गया है। चित्तौड़गढ़ किले में स्थित कालिका माता मंदिर में नवरात्रि के पहले दिन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महाआरती हुई। मंदिर महंत रामनारायण पुरी और ब्राह्मणों ने एकलिंग नाथ ट्रस्ट के पदाधिकारियों की मौजूदगी में महाआरती की।
नवरात्रों के 9 दिन के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कालिका माता मंदिर पहुंचते हैं। मेवाड़ का पूर्व राजपरिवार चंडी पाठ का आयोजन करता है जो 9 दिनों तक चलता है और पूर्णाहुति के साथ अनुष्ठान पूरा होता है। चित्तौड़गढ़ किले के पर्यटक गाइड पवन नाथ ने बताया कि मां के इस मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर आते हैं।
जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य गज सिंह ने मेहरानगढ़ किले में चामुंडा माता मंदिर में पूजा-अर्चना की। नवरात्रि के दौरान इस मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आते हैं। इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसी तरह आमेर किले में जहां शिला माता के दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़े, वहीं अजमेर के पुष्कर रोड पर नौसर माता मंदिर में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
नौसर माता मंदिर के पुजारी ने बताया कि इस मंदिर में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है और बड़ी संख्या में लोग आते हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शारदीय नवरात्र स्थापना पर मुख्यमंत्री निवास स्थित राजराजेश्वरी मंदिर में सपरिवार विधिवत रूप से पूजा-अर्चना की। एक प्रवक्ता के अनुसार शर्मा ने मां दुर्गा की आराधना करते हुए प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी एवं समृद्ध जीवन की प्रार्थना की।(भाषा)(फ़ाइल चित्र)
Edited by: Ravindra Gupta