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क्या सच में ही प्रभु श्रीराम की उम्र 11000 वर्ष की थी?

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अनिरुद्ध जोशी

शोध कुछ और कहते हैं और ग्रंथ कुछ और। हम क्या मानें? वाल्मीकि रामायण में उल्लेख मिलता है कि श्रीराम ने 11000 वर्ष तक अयोध्या में राज किया था। परंतु क्या बताई गई उम्र सही है या कि कालांतर में वाल्मीकि रामायण में कोई हेरफेर किया गया? सवाल कई है परंतु इसका उत्तर क्या है?
 
 
वैदिक युग एवं रामायण काल की ऐतिहासिकता: सरोज बाला, अशोक भटनाकर, कुलभूषण मिश्र के शोधानुसार श्रीराम का जन्म 5114 ईसा पूर्व 10 जनवरी को दिन के 12.05 पर भगवान राम का जन्म हुआ था जबकि वाल्मीकि के अनुसार श्रीराम का जन्म चैत्र (मार्च) शुक्ल नवमी तिथि एवं पुनर्वसु नक्षत्र में जब पांच ग्रह अपने उच्च स्थान में थे तब हुआ था।  इस प्रकार सूर्य मेष में 10 डिग्री, मंगल मकर में 28 डिग्री, ब्रहस्पति कर्क में 5 डिग्री पर, शुक्र मीन में 27 डिग्री पर एवं शनि तुला राशि में 20 डिग्री पर था। (बाल कांड 18/श्लोक 8, 9)।
 
शोधकर्ता डॉ. वर्तक पीवी वर्तक के अनुसार ऐसी स्थिति 7323 ईसा पूर्व दिसंबर में ही निर्मित हुई थी, लेकिन प्रोफेसर तोबयस के अनुसार जन्म के ग्रहों के विन्यास के आधार पर श्रीराम का जन्म 7130 वर्ष पूर्व अर्थात 10 जनवरी 5114 ईसा पूर्व हुआ था। उनके अनुसार ऐसी आका‍शीय स्थिति तब भी बनी थी। तब 12 बजकर 25 मिनट पर आकाश में ऐसा ही दृष्य था जो कि वाल्मीकि रामायण में वर्णित है। ज्यातादर शोधकर्ता प्रोफेसर तोबयस के शोध से सहमत हैं। इसका मतलब यह कि राम का जन्म 10 जनवरी को 12 बजकर 25 मिनट पर 5114 ईसा पूर्व हुआ था।
 
यदि हम शोधकर्ताओं की बात माने तो 5114 ईसा पूर्व श्रीराम के जन्म हुआ था तो इसमें सन् 2021 को जोड़ने से यह पता चलता है कि आज से 7135 हजार वर्ष पूर्व उनका जन्म हुआ था तो फिर वे किस तरह 11000 वर्ष तक अयोध्या पर राज कर सकते थे? 
 
भगवान श्रीकृष्‍ण का जन्म 3112 ईसा पूर्व हुआ था अर्थात इसमें सन् 2021 जोड़ते हैं तो 5133 हजार वर्ष आता है। अर्थात 5 हजार 133 वर्ष पूर्व श्रीकृष्ण हुए थे। आर्यभट्‍ट के अनुसार महाभारत युद्ध 3137 ईपू में हुआ। हाल ही में 25 दिसंबर 2020 को 5157वीं गीता जयंती वर्ष मनाया गया। श्रीकृष्‍ण के जन्म के बारे में कोई मतभेद नहीं है। कहते हैं कि महाभारत के युद्ध में रघुवंशी शल्य ने कौरवों की ओर से लड़ाई लड़ी थी जो नकुल और सहदेव के मामा थे। कहते है कि वे श्रीराम के पुत्र कुश की 50वीं पीढ़ी में हुए थे। यदि यह बात सही है तो फिर इसकी गणना की जाए तो कुश महाभारतकाल के 2500 वर्ष पूर्व से 3000 वर्ष पूर्व हुए थे अर्थात आज से 6,500 से 7,000 वर्ष पूर्व। इस मान से भी श्रीराम का जन्म वही आज से 7 हजार वर्ष पूर्व का ही निकलता है। 
 
श्रीराम की अब तक के वंशावली क्रम को जोड़ने पर भी यह सिद्ध नहीं होता है कि उन्होंने 11 हजार वर्षों तक राज किया था। यदि ऐसा होता तो वे महाभारत के युद्ध में मौजूद होते और यदि ऐसा नहीं है तो फिर वाल्मीकि रामायण या आधुनिक शोध दोनों ही असत्य हैं।
 
तुलसीदास की रामायण पढ़ने पर पता चलता है कि श्रीराम का जब विवाह हुआ था तब उनकी उम्र 27 वर्ष की थी और माता सीता की उम्र 12 वर्ष थी। उन्हें 14 वर्ष का वनवास हुआ। श्रीराम का जब रावण से युद्ध हुआ तो उनकी उम्र लगभग 40 वर्ष की थी और रावण की उम्र लगभग 80 वर्ष की। 84 दिन युद्ध चला और इस बीच में जब मेघनाद मारा गया तो उसके शोक में रावण के आग्रह पर प्रभु श्रीराम ने 7 दिन के लिए युद्ध रोक दिया था। इसी आधार पर आप जान लें कि श्रीराम का उम्र तो उसी अनुसार बढ़ रही थी जिस अनुसार आम लोगों की बढ़ती है। तब वे कैसे और किस तरह 41 की उम्र में अयोध्या लोटकर 11 हजार वर्ष तक जीवित रहे? हमें उनकी उम्र और राज करने की अवधी पर शोध करना चाहिए।

यदि हम युगों की धारणा पर जाएंगे तो फिर इतिहास को तारीखों में नहीं लिख पाएंगे। ऐसे में हमारे ऐतिहासिक महापुरुषों को कल्पित ही समझा जाएगा इसीलिए जरूरी है कि हम इतिहास को इतिहास की तरह समझें और लिखें।
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