Publish Date: Thu, 17 Aug 2017 (11:33 IST)
Updated Date: Thu, 17 Aug 2017 (12:08 IST)
भागलपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग छेड़ते हुए लालू यादव से दोस्ती तोड़ने वाले नीतीश कुमार के राज में अब सृजन घोटाला सामने आने से खलबली मच गई है। बिहार में अब तक इस घोटाले के माध्यम से 964 करोड़ के गबन का मामला सामने आ चुका है।
भागलपुर जिले में अब तक की जांच में 802 करोड़ रुपए का गबन प्रकाश में आया, जबकि सृजन संस्था ने सहरसा के विशेष भू-अर्जन विभाग से 162 करोड़ रुपए की फर्जी तरीके से निकासी की।
भागलपुर के सबौर स्थित स्वयंसेवी संस्था सृजन महिला विकास सहयोग समिति के बैंक खाते में सरकारी योजनाओं के पैसे रखने के मामले में पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर ने उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि यह घोटाला एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का है।
हालांकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सख्त चेतावनी दी है कि आरोपी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में पुलिस ने बुधवार को जिला कल्याण पदाधिकारी अरुण कुमार को जेल भेज दिया। उधर, बैंक ऑफ बड़ौदा के क्लर्क अतुल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले में अब तक 10 लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
आर्थिक अपराध इकाई और जिला पुलिस की टीम ने मंगलवार और बुधवार को घंटों सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक में छापेमारी कर महत्वपूर्ण कागजात खंगाले और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। टीम ने बैंक ऑफ बड़ौदा में पूरे दिन कागजातों की जांच की।
ऐसा आरोप है कि स्वयंसेवी संस्था सृजन महिला विकास सहयोग समिति के बैंक खाते में सरकारी योजनाओं के पैसे रखे जाते थे, जिसका उपयोग संस्था द्वारा अपने व्यक्तिगत कार्यों में किया जाता था।