Publish Date: Sun, 05 Feb 2017 (15:09 IST)
Updated Date: Sun, 05 Feb 2017 (15:14 IST)
नई दिल्ली। भाजपा और बसपा के बीच सांठगांठ का आरोप लगाते हुए उत्तरप्रदेश में अखिलेश यादव सरकार में वरिष्ठ मंत्री आजम खान ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती का मुसलमानों को भ्रमित करने का प्रयास विफल हो जाएगा और सपा 350 सीटें जीतकर भारी बहुमत से प्रदेश में सरकार बनाएगी।
राम मंदिर के मुद्दे पर लोगों से झूठे वादे करने का भाजपा पर आरोप लगाते हुए आजम खान ने कहा कि अयोध्या में विवादास्पद ढांचे और राम मंदिर के नाम पर भाजपा ने लोगों से झूठे वादे किए। विवादास्पद ढांचे के बारे में कोई भी फैसला अदालत सुनाएगी। जब मुसलमानों को यह फैसला मंजूर होगा तो फिर भाजपा वाले इसे खुलकर स्वीकार करने की बात क्यों नहीं करते?
मुस्लिम वोटों के सपा-कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में एकजुट होने का दावा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा और भाजपा एक-दूसरे से मिले हुए हैं। यह इस बात से भी स्पष्ट है कि पूर्व में मायावती भाजपा के साथ सरकार बना चुकी हैं और उसके लिए प्रचार कर चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम मतदाता सपा-कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में एकजुट हैं। बसपा भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है जिसमें वह कभी सफल नहीं होगी। मुसलमानों को लुभाने का प्रयास करने को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती पर निशाना साधते हुए आजम खान ने कहा कि मुसलमानों को 97 टिकट देना पर्याप्त नहीं है तथा मायावती की अगुवाई वाली यह पार्टी अगर मुसलमानों को लुभाना चाहती है, उसे 403 सीटें इसी समुदाय के प्रतिनिधियों को देनी चाहिए था।
आजम खान ने कहा कि अखिलेश यादव ने प्रदेश में चुनाव में 300 सीटें जीतने की बात कही है। यह उनकी विनम्रता है कि वे ऐसा कह रहे हैं जबकि हकीकत यह है कि हम 350 सीटें जीतने जा रहे हैं। अखिलेश यादव की स्वच्छ छवि और विकास के कार्यों की वजह से मध्यम वर्ग भी सपा के साथ है।
सपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि राजनीति की प्रयोगशाला में राजनीति विज्ञान के प्रयोग होते हैं। बिहार में महागठबंधन का प्रयोग हुआ। बिहार में यह प्रयोग सफल रहा और आम लोगों के बीच राय थी कि समान विचारधारा वाले धर्मनिरपेक्ष या इसके करीबी लोगों या जो लोग कभी धर्मनिरपेक्ष रहे हैं, लेकिन राजनीतिक मजबूरियों के कारण रास्ता भटक गए हैं और फिर से इस ओर आना चाहते हैं, उन्हें एकसाथ आना चाहिए और मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए। उत्तरप्रदेश में सपा और कांग्रेस का गठबंधन इसी दिशा में प्रयास है।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि कांग्रेस में कमियां नहीं हैं लेकिन कांग्रेस का आजादी की लड़ाई में अहम रोल रहा और स्वतंत्रता हासिल करने के 50 साल के बाद तक कई बड़ी घटनाओं के बावजूद मुसलमान कांग्रेस के साथ रहे हैं।
यह पूछे जाने पर कि स्वार टांडा सीट से उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान 4 बार के विधायक और रामपुर के नवाब काजिम अली खान के खिलाफ कठिन चुनाव लड़ रहे हैं? उन्होंने कहा कि इस बारे में जनता तय करेगी। उल्लेखनीय है कि आजम खान के पुत्र अब्दुल्ला की उम्र को लेकर भी विवाद उत्पन्न हो गया था। (भाषा)