Publish Date: Fri, 18 Nov 2016 (14:41 IST)
Updated Date: Fri, 18 Nov 2016 (14:45 IST)
मुंबई। केंद्र सरकार के ऊंचे मूल्य वाले नोटों को चलन से बाहर करने के फैसले के बाद से महाराष्ट्र में स्टांप शुल्क संग्रहण में 37 प्रतिशत की कमी आई है।
स्टांप नियंत्रक एवं पंजीकरण महानिरीक्षक एन. रामास्वामी ने कहा कि केंद्र सरकार 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोटों को बंद करने के बाद 10 दिनों में महाराष्ट्र में स्टांप शुल्क संग्रहण में पहले ही 37 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को आमतौर पर संपत्ति पंजीकरण शुल्क और स्टांप शुल्क से रोजाना 65 करोड़ रुपए की आय हुआ करती थी, जो अब घटकर 42 करोड़ रुपए रह गई है।
उन्होंने कहा कि यद्यपि अधिकतर लेन-देन गणन तालिका (रेडी रेकनर) के अनुरूप किए जाते हैं और स्टांप शुल्क एवं भुगतान डिजिटल या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से होते हैं लेकिन फिर भी संग्रहण में कमी आई है। रामास्वामी ने कहा कि आमतौर पर राज्यभर के पंजीकरण कार्यालय प्रतिदिन 7,300 दस्तावेजों को परखते हैं लेकिन अब यह संख्या घटकर 4,000 दस्तावेज रह गई है। (भाषा)