Publish Date: Thu, 23 Aug 2018 (00:19 IST)
Updated Date: Thu, 23 Aug 2018 (00:31 IST)
मुंबई। मुंबई की एक बहुमंजिला इमारत में बुधवार सुबह आग लगने की घटना में 10 साल की एक स्कूली बच्ची की सूझबूझ ने कई लोगों की जान बचा ली। जेन सदावर्ते ने स्कूल में सीखी गई सुरक्षा युक्तियों का प्रयोग कर अपने परिवार और पड़ोसियों की सुरक्षा की।
जेन अपने परिजन और एक भाई के साथ मध्य मुंबई के परेल में बनी 17 मंजिला क्रिस्टल टॉवर इमारत की 16वीं मंजिल पर रहती है। डॉन बॉस्को स्कूल की 6ठी कक्षा की छात्रा जेन ने कक्षा 3 में एक स्कूल प्रोजेक्ट के दौरान सीखी गई सुरक्षा युक्तियों को याद किया और उनका इस्तेमाल किया जिससे उसका परिवार एवं पड़ोसी दमकलकर्मियों के आने तक सुरक्षित रह पाए।
रिहायशी इलाके की इमारत की 12वीं मंजिल में लगी आग में 4 लोगों की मौत हो गई जबकि 16 अन्य घायल हो गए। जेन ने बताया कि रूई, पानी और कपड़ों के टुकड़ों की मदद से हमने प्यूरीफायर बनाए, जो फ्लैट में मौजूद सभी लोगों को दिए।
उसने बताया कि मैंने सभी को अपने मुंह पर यह प्यूरीफायर रखने को कहा। इससे हमें घुटन महसूस नहीं हुई और हम ठीक से सांस ले पाए जिससे कार्बन डाई ऑक्साइड हमारे अंदर नहीं गई।
जेन ने बताया कि उसने प्रोजेक्ट के दौरान सीखा था कि कपास के किसी टुकड़े को जब पानी में डुबोया जाता है, तो उससे सांस आसानी से ली जा सकती है, क्योंकि कार्बन के कण पानी से अलग हो जाते हैं। (भाषा)