किन्नर सभ्यता, संस्कृति और साहित्य का अनूठा अंतरराष्ट्रीय आयोजन

श्री अटलबिहारी वाजपेयी शासकीय कन्या एवं वाणिज्य महाविद्यालय, इंदौर में 'किन्नर सभ्यता, संस्कृति और साहित्य चिंतन और चुनौतिया' विषय पर एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन 16 मार्च 2019 को आयोजित किया जा रहा है। साहित्य में तो छुटपुट प्रसंग और उपन्यासों में किन्नर केंद्र में भी रहे हैं किंतु उनकी सभ्यता, संस्कृति और साहित्य पर वैचारिक विमर्श का यह भारत में संभवत: पहला प्रयास है।

 
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वंदना अग्निहोत्री ने बताया कि इस वैचारिक मंथन में किन्नरों को ज्यादा सुनना हमारा उद्देश्य है ताकि उनके अनछुए पहलुओं एवं अदृश्य रहस्यों पर से आवरण हटे। किन्नरों की सोच है, 'समाज हमें मनुष्य समझे। हम भी ईश्वर की संतान हैं।'
 
 
सेमिनार संयोजक डॉ. कला जोशी ने बताया कि इस सेमिनार में अध्यक्षता लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी, महामंडलेश्वर किन्नर अखाड़ा देवी रानी, अध्यक्ष किन्नर संघ भोपाल, किरण शर्मा किन्नर मिसरोद, पोलैंड से प्रो. डेनियल, स्लोवाकिया से प्रो. डेंग, गोवा से प्रो. वृषाली मंडरेकर, विभागाध्यक्ष हिन्दी डॉ. प्रो. रंजीता पारब, अलीगढ़ से प्रो. गीता शर्मा, औरंगाबाद से सरोज पगारे, नगालैंड से प्रो. आशीष कुमार, हैदराबाद से प्रो. रानू, रामनगर से प्रो. मनीषा, दिल्ली से प्रो. मुकेश गिरोता, ध्रुव शुक्ल, आत्माराम शर्मा भोपाल, निर्मला भुराड़िया इंदौर सहित 50 से अधिक विद्वान अपने विचार रखेंगे।

 
सेमिनार पत्रिका के लिए सभी 150 शोधपत्र प्राप्त हुए हैं एवं करीब 200 विद्वानों ने पंजीयन कराया है। इस अछूते विषय पर प्रथम बार सेमिनार है अत: विद्यार्थियों व शोधार्थियों की रुचि का प्रस्फुटन दृष्टिगोचर हो रहा है।

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