4 साल के मासूम को मां-बाप ने छोड़ा लावारिस, उसे मिला इटालियन परिवार का प्यार, आंखें भिगा देने वाली कहानी...

शुक्रवार, 26 अप्रैल 2019 (00:00 IST)
इंदौर। इंदौर के विजय नगर स्थित 'संजीवनी सेवा संगम' नामक संस्था में खुशियां दस्तक दे चुकी थीं और यहां पर परवरिश पाने वाला साढ़े 6 साल के मासूम राज को इसका जरा भी इल्म नहीं था कि वह सात समंदर पार जा रहा है, अपने नए मां-बाप के संग...इस अनाथ बच्चे को नए माता-पिता के रूप में इटली के सिल्वा डेनिक्ला और टेग्लीब्यु अल्बर्टो मिले हैं, जो अपना प्यार लुटाकर इसकी जिंदगी को पूरी तरह बदल देंगे। यह कहानी हॉलीवुड फिल्म 'लायन' की तरह है, इस फिल्म में अभिनय करने देव पटेल इसी फिल्म से बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के लिए ऑस्कर में नॉमिनेट भी हुए थे। 'लॉयन' भी खंडवा के शेरू की सच्ची कहानी पर आधारित फिल्म थी।
 
7 नवंबर 2017 को मानसिक रूप से कमजोर राज को उसके असली माता-पिता ने जब लावारिस अवस्था में छोड़ा था, तब वह न उनका नाम बता पा रहा था, न ही पता। ऐसे में चाइल्ड लाइन ने उसे विजय नगर क्षेत्र स्थित संजीवनी सेवा संगम के शिशुगृह को सौंपा। 
 
समय पंख लगाकर उड़ा जा रहा था और कौन जानता था कि राज की किस्मत भी पलटने जा रही है...लेकिन अब सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) के दिशा-निर्देश और कोर्ट के माध्यम से इस बच्चे को इटली के नए माता-पिता मिल गए हैं, जिनके पहले से ही 2 लड़के हैं, लेकिन फिर भी वे मासूम राज पर माता-पिता का प्यार लुटाने जा रहे हैं। 
 
असल में सिल्वा डेनिक्ला और टेग्लीब्यु अल्बर्टो ने इटली के दंपति ने सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) के पोर्टल पर अनाथ बच्चों की सूची में राज का फोटो देखकर उसे गोद लेने का निर्णय लिया था। इटली के अधिकारियों ने दंपति का फोटो एलबम व वीडियो बनाकर राज के लिए भेजे थे। उन फोटो में ही राज ने अपने गोद लेने वाले नए माता-पिता को देखा, जो गुरुवार को उसके बिलकुल करीब थे।
 
सिल्वा डेनिक्ला और टेग्लीब्यु अल्बर्टो को भारतीय संस्कृति से बहुत लगाव है। ये दोनों योगा भी करते हैं। उन्हें इस बात की बिलकुल चिंता नहीं है कि राज का आईक्यू लेवल कम है, अलबत्ता उन्होंने कहा कि उनके यहां ऐसी सुविधा है, जिसमें बच्चों का आईक्यू लेवल बढ़ाया जाता है। 
छोटे से राज को पाकर उसकी नई मां सिल्वा फूली नहीं समा रही थी, जबकि उसके नए भाई उसे लगातार छेड़ते रहे। सिल्वा की गोदी में बैठे मासूम राज को तो यह मालूम भी नहीं था कि कुछ देर बाद वह विमान में फुर्र होकर सात समंदर पार इटली के सफर पर निकल रहा है, जहां उसकी जिंदगी नई करवट लेने जा रही है।
 
नवदीप शिशु कल्याण केंद्र की अधीक्षक आशा सिंह राठौर ने बताया कि हमने राज की काउंसलिंग भी की है। उसके इटली जाने की प्रक्रिया में कोई बाधा न रहे, इसके लिए उसका पासपोर्ट भी हाल ही में बनवाया गया। 
 
पिछले साल माही गई थी अमेरिका : संजीवनी सेवा संगम के शिशुगृह में 1981 से अब तक करीब 20 अनाथ बच्चों को विदेशी, जबकि 900 बच्चों को देश के दंपतियों को गोद दिया गया। पिछले वर्ष इस संस्था से बच्ची माही को अमेरिका के दंपति ने गोद लिया था। इस संस्था को 1981 में झाबुआ की महारानी लोकराज्य लक्ष्मी देवी ने शुरू किया था।

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