Publish Date: Wed, 18 Aug 2021 (16:29 IST)
Updated Date: Wed, 18 Aug 2021 (16:36 IST)
जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने चर्चित भंवरीदेवी अपहरण एवं हत्या मामले में एक मुख्य आरोपी पूर्व कांग्रेस विधायक मलखान सिंह बिश्नोई को जमानत दे दी है जबकि अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनाई 23 अगस्त तक टाल दी। न्यायमूर्ति दिनेश मेहता की एकल पीठ ने मलखान सिंह बिश्नोई की जमानत की अर्जी मंगलवार को स्वीकार कर कर ली। इसके साथ ही अपहरण और हत्या के इस चर्चित मामले में 17 आरोपियों में से नौ को अब तक जमानत मिल चुकी है। इस मामले में मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा स्वास्थ्य कारणों से जमानत पर बाहर हैं।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में एक आरोपी परसराम को पिछले महीने उच्चतम न्यायालय ने जमानत दे दी थी। उच्चतम न्यायालय का कहना था कि दस साल होने आए हैं लेकिन सुनवाई अब भी पूरी होती नहीं दिख रही। उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए मलखान बिश्नोई के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि मामले में सुनवाई में इतना लंबा समय लगा है और आरेापी पहले ही 10 साल न्यायिक अभिरक्षा में बिता चुका है। इस मामले में मदेरणा की जमानत याचिका भी उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। कुछ अन्य आरोपियों की याचिकाओं के साथ इस पर 23 अगस्त को सुनवाई होगी।
गौरतलब है कि नर्स भंवरीदेवी सितंबर 2011 में लापता हो गई थी। उसके पति अमरचंद ने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार में जल संसाधन मंत्री मदेरणा के कहने पर भंवरी का अपहरण किया गया। बाद में अमरचंद भी इस मामले में संलिप्त पाया गया। मदेरणा एवं भंवरीदेवी की एक सीडी सार्वजनिक होने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मदेरणा को मंत्री पद से हटा दिया था। सीबीआई ने 2 दिसंबर 2012 को मदेरणा को गिरफ्तार किया।(भाषा)
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Updated Date: Wed, 18 Aug 2021 (16:36 IST)