Publish Date: Wed, 07 Mar 2018 (15:57 IST)
Updated Date: Wed, 07 Mar 2018 (16:02 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पैसे के लालच में शादीशुदा जोड़ों की दोबारा शादी का मामला सामने आने के बाद सरकार ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। इसके तहत जिन शादीशुदा जोड़ों ने ऐसा किया है उनके खिलाफ मामला दर्ज करने तथा जिले के लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना के तहत एक ही मंच पर सभी धर्मों के लोगों की बेटियों की शादी करवाई जा रही है।
इसमें शादी करने वाली लड़की के खाते में 20 हजार रुपए की रकम, 10 हजार रुपए का लड़की को उपहार और सामान तथा 8 हजार रुपए खाने के खर्च के लिए दिए जाते हैं। इन शादियों में यह सारा खर्च तो सरकार की तरफ से किया जाता है। इसके अलावा सामूहिक विवाह समारोह वाले जिले की स्वयंसेवी संस्थाएं और प्रतिष्ठित लोग भी लड़की को तोहफे आदि देते हैं।
अभी तक इस मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 57 जिलों में 7,000 से अधिक शादियां हो चुकी हैं। इस योजना पर ग्रहण तब लग गया जब नोएडा में हुए शादी समारोह में 4 पहले से शादीशुदा जोड़ों द्वारा मात्र पैसों के लालच में शादी किए जाने का मामला सामने आया।
इस बारे में राज्य के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने बुधवार को विशेष बातचीत में बताया कि हां, नोएडा में ऐसी खबरें आई हैं कि वहां 4 पहले से शादीशुदा जोड़ों ने पैसे के लालच में सामूहिक विवाह समारोह में शादी की है। इसी तरह ओरैया में कुछ शादी करने वाली महिलाओं को पैर में पहनने वाले बिछुए चांदी के बजाए नकली धातु के दिए जाने की बात सामने आई है।
इसके अलावा एकाध जिलों में कुछ और गडबड़ी की भी शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन गड़बड़ियों को गंभीरता से लिया है और नोएडा में शादीशुदा जोड़ों के दोबारा शादी किए जाने के मामले में वहां के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बनाई गई है। इसके अलावा इसमें गड़बड़ी और धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कराने को कहा गया है।
इसी तरह जहां नकली बिछुए बांटे जाने की बात सामने आई है वहां भी अधिकारियों को जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने को कहा है। शास्त्री ने कहा कि यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक महात्वाकांक्षी योजना है ताकि गरीब बेटियों की शादी हो सकें।
अगर इस योजना में कही भी गड़बड़ी पाई गई तो किसी भी अधिकारी और कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले 3 महीनों में प्रदेश में 7,000 से अधिक लड़कियों की शादियां हो चुकी हैं और जल्द ही कई अन्य जिलों में ऐसे और आयोजन किए जाएंगे ताकि पैसे के अभाव में किसी लड़की की शादी न रुके। (भाषा)
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Publish Date: Wed, 07 Mar 2018 (15:57 IST)
Updated Date: Wed, 07 Mar 2018 (16:02 IST)