Publish Date: Thu, 02 May 2019 (00:41 IST)
Updated Date: Thu, 02 May 2019 (00:43 IST)
इंदौर। जेल में बंद आसाराम के बेटे नारायण साईं को बलात्कार के आरोप में उम्रकैद की सजा दिए जाने के बाद उसकी पत्नी जानकी हरपलानी ने कहा कि इस अदालती निर्णय के बाद वह तलाक का मुकदमा दायर करने पर विचार कर रही है।
नारायण (47) की इंदौर निवासी पत्नी जानकी हरपलानी उर्फ शिल्पी ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि नारायण साईं को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के फैसले से उन सभी लोगों को बहुत बड़ी सीख मिलेगी जो धर्म के नाम पर महिलाओं के साथ कुकृत्य करते हैं।
जानकी ने कहा कि मैं कुछ वर्ष पहले यह कहकर अपने पति से अलग हुई थी कि मैं उनके गलत कामों में उनका साथ नहीं दे सकती। अब मैं विचार कर रही हूं कि तलाक का मुकदमा दायर करूं, ताकि मैं अपने नए जीवन की शुरुआत कर सकूं। उन्होंने कहा कि मैं सीए बनना चाहती हूं। मैं नहीं चाहती कि मेरे भावी जीवन में मेरा नाम नारायण साईं या उनके परिवार से किसी भी तरह जोड़ा जाए।
जानकी ने हालांकि बताया कि तलाक का मुकदमा दायर करने के अंतिम निर्णय पर पहुंचने से पहले, उन्हें भरण-पोषण, घरेलू हिंसा और प्रताड़ना के उन लंबित मामलों में फैसलों का फिलहाल इंतजार है, जो उन्होंने नारायण साईं और उनके परिवार के खिलाफ स्थानीय अदालत में दायर कर रखे हैं।
उन्होंने बताया कि कुटुम्ब न्यायालय ने जनवरी 2018 में नारायण साईं को आदेश दिया था कि वह उन्हें हर महीने 50,000 रुपए की दर से भरण-पोषण खर्च प्रदान करे।
जानकी ने कहा कि अदालत के इस आदेश के बावजूद मुझे अपने पति की ओर से अब तक भरण-पोषण राशि नहीं दी गई है। हालांकि मुझे भरोसा है कि मुझे इस सिलसिले में लंबित मामले में अदालत से इंसाफ मिलेगा। नारायण साईं को मंगलवार को सूरत की एक अदालत ने बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।