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Joshimath Tragedy: प्राकृतिक जलस्रोत भी सूख रहे हैं जोशीमठ में, प्रशासन का दावा भूधंसाव में आ रहा ठहराव

हमें फॉलो करें Joshimath Tragedy: प्राकृतिक जलस्रोत भी सूख रहे हैं जोशीमठ में, प्रशासन का दावा भूधंसाव में आ रहा ठहराव

एन. पांडेय

, शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2023 (22:59 IST)
जोशीमठ। जोशीमठ नगर में भूधंसाव का असर भौगोलिक, आर्थिक, सामाजिक बदलाव के अलावा यहां की जलधाराओं और उनसे जुड़ी परंपराओं पर भी पड़ने लगा है। यहां के सिंह धार वार्ड में 12 महीने बहने वाला प्राकृतिक जलस्रोत पूरी तरह सूख गया है। यह जलधारा ग्रामीणों की कई परंपराओं को भी समेटे था। यहां की जमीनों में भूधंसाव से प्राकृतिक जल स्रोत सूखने के भी समाचार आ रहे हैं।
 
जिला प्रशासन ने दावा किया है कि जोशीमठ में भूधसांव की वजह से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जमीन, मकानों की दरारों में ठहराव आया है। दरार वाले भवनों की संख्या स्थिर है। भूधसांव प्रभावित क्षेत्रों में 863 भवनों में दरारें आई हैं। इनमें से 181 भवन असुरक्षित क्षेत्र में है। जेपी परिसर जोशीमठ में पानी का रिसाव 540 एलपीएम से घटकर आज शुक्रवार सुबह 17 एलपीएम हो गया है।
 
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चमोली द्वारा जोशीमठ नगर क्षेत्र में भूधंसाव को लेकर जारी दैनिक रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा की दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा वर्तमान में 243 परिवारों के 878 सदस्यों को विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से विस्थापित किया गया है जबकि 53 परिवारों के 117 सदस्य किराए पर चले गए हैं।
 
जिला प्रशासन द्वारा जोशीमठ नगर क्षेत्र के अंतर्गत निवास करने योग्य अस्थायी राहत शिविरों के रूप में 91 स्थानों में 661 कक्षों का चिह्नीकरण कर लिया गया है जिसमें 2,957 व्यक्तियों को ठहराया जा सकता है, वहीं नगर पालिका क्षेत्र जोशीमठ के बाहर पीपलकोटी में अस्थायी राहत शिविरों के रूप में 20 भवनों के 491 कमरों को चयनित किया गया है जिसमें कुल 2,205 लोगों को ठहराया जा सकेगा।
 
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धनराशि वितरित व राहत सामग्री वितरित : राहत कार्यों के तहत जिला प्रशासन ने 1,001 प्रभावितों को 475.73 लाख रुपए की धनराशि वितरित कर दी है। प्रभावितों को अब तक 1893 खाद्यान्न किट, 2394 कंबल व 1586 लीटर दूध, 164 हीटर व ब्लोअर, 143 डेली यूज किट, 48 जोड़ी जूते, 150 थर्मल वियर, 175 हॉट वॉटर बोतल, 700 टोपी, 280 मोजे, 250 शॉल, 287 इलेक्ट्रिक कैटल एवं 4516 अन्य सामग्री पैकेट का वितरण राहत सामग्री के रूप में किया जा चुका है। शीतलहर को देखते हुए नगरपालिका जोशीमठ क्षेत्र अंतर्गत 20 स्थानों पर नियमित रूप से अलाव जलाए जा रहे हैं। राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए हीटर भी उपलब्ध कराए गए हैं।
 
स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर प्रभावितों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है जिसके तहत राहत शिविरों में रह रहे 1352 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। प्रभावित क्षेत्रों में 122 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण और 200 पशु चारा बैग वितरण का किया गया। जोशीमठ में सुरक्षा के दृष्टिगत एनडीआरएफ की 2 टीमों के 93 जवान तथा एसडीआरएफ की 12 टीमों के 100 जवान तैनात है।
 
Edited by: Ravindra Gupta

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