Publish Date: Fri, 28 Jul 2017 (13:00 IST)
Updated Date: Fri, 28 Jul 2017 (13:03 IST)
पटना। पटना उच्च न्यायालय ने भाजपा के साथ मिलकर नीतीश कुमार की जद (यू) द्वारा नई सरकार के गठन को चुनौती देने वाली 2 जनहित याचिकाओं पर सुनवाई शुक्रवार को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।
संक्षिप्त सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन और न्यायमूर्ति एके उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले को स्थगित कर दिया। बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार के महत्वपूर्ण विश्वास मत से पहले 2 जनहित याचिकाएं दायर की गईं और दोनों के वकीलों ने अदालत में अपना पक्ष रखा।
पहली याचिका राजद विधायकों सरोज यादव और चंदन वर्मा की ओर से जबकि दूसरी याचिका समाजवादी पार्टी के सदस्य जितेन्द्र कुमार की ओर से दायर की गई है। याचिकाओं में अदालत से अनुरोध किया गया है कि राज्य में सरकार बनाने के लिए सबसे बडे दल के नेता को आमंत्रित करने का निर्देश दिया जाए।
प्रधान अवर महाधिवक्ता ललित किशोर और अवर सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय ने जनहित याचिकाओं को ‘निरर्थक’ बताते हुए कहा कि ये गंभीरता से विचार करने योग्य नहीं हैं। किशोर ने अदालत से कहा कि याचिकाओं की प्रतिय केंद्र सरकार के वकील को दी गई है लेकिन वे अन्य पक्षों राज्यपाल, भारत निर्वाचन आयोग और बिहार सरकार को नहीं दी गई हैं। (भाषा)