Publish Date: Fri, 28 Aug 2015 (14:15 IST)
Updated Date: Fri, 28 Aug 2015 (15:33 IST)
तिरुवनंतपुरम। केरल में शुक्रवार को ओणम पारंपरिक एवं धूमधाम तरीके से मनाया गया। लोगों ने सुबह जल्दी उठकर मंदिरों में पूजा-अर्चना की और दिन में दावत और उत्सव का माहौल रहा। कई संस्थानों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया।
सबरीमला के भगवान अयप्पा मंदिर, गुरूवायुर के श्री कृष्ण मंदिर और तिरवनंतपुरम के श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।
ओणम का त्योहार राजा महाबली के सम्मान में मनाया जाता है। कथाओं के अनुसार एक समय में उन्होंने केरल पर राज्य किया था और उनके राजकाज के वक्त राज्य में सभी लोग खुश, बराबर और समृद्ध थे।
यहां के लोगों का मानना है कि मलयाली कैलेंडर के अनुसार चिंगम महीने में तिरवोणम के दिन ही भगवान विष्णु ने अपना पांचवां वामन अवतार लिया था और राजा महाबली के राज्य में आए थे । उन्होंने उन्हें पाताल भेज दिया था।
कथाओं के अनुसार तिरवोणम के दिन राजा महाबली केरल के लोगों के घर आते हैं। लोग घरों में ‘पूकलम’ फूलों की रंगोली बनाते हैं और महाभोज ओंसाद्या का आनंद लेते हैं।
राज्य सरकार के पर्यटन विभाग की ओर से ओणम उत्सव के तहत एक हफ्ते चलने वाला सांस्कृतिक उत्सव मनाया जाता है। इस उत्सव का अंत 31 अगस्त को होगा।
कल देर रात तक अपने पसंद की चीजों को खरीदने के लिए लोग बाजार में थे और राज्य सरकार द्वारा खोली गई उचितदर की दुकानों पर लोगों की लंबी कतारें लगी थी।
इस बीच, उत्सव के माहौल में भाजपा के युवा मोर्चा ने सचिवालय के सामने ओणम के दौरान शराब की दुकानों पर पाबंदी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन भी किया। (भाषा)