Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

कुलदीप यादव ने कबूला, सुर्खियां बटोरने के लिए किया था टिकैत के काफिले पर हमला

webdunia
  • facebook
  • twitter
  • whatsapp
share
शनिवार, 3 अप्रैल 2021 (23:00 IST)
अलवर। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत के काफिले पर शुक्रवार को हमला करने वाले पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप यादव ने लोकप्रियता पाने के लिए यह हमला किया था।
 
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुरुशरण राव ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया इस मामले में मुख्य आरोपी पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप यादव दोनों भाजपा एवं कांग्रेस पार्टी के नेताओं के संपर्क में रहता था, लेकिन जांच में इसका ना भाजपा व ना ही कांग्रेस या अन्य किसी राजनीतिक पार्टी से संबंध होना पाया गया है।
 
उन्होंने बताया कि किसान नेता राकेश टिकैत, राजाराम मील, युद्धवीर सिंह आदि शुक्रवार को अलवर के हरसौली में किसान सभा को संबोधित कर बानसूर में किसान सभा के लिए जा रहे थे, तभी शाम करीब साढ़े 4 बजे मत्स्य विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप यादव ने अपने करीब 30-40 साथियों के साथ उनके काफिले पर तख्तिया, काले झंडे एवं नारे लगाते हुए, पथराव कर दिया था, हमले में राकेश टिकैत को चोट नहीं आई, और उनकी गाड़ी के शीशे टूट गए।
 
इसके बाद उन्हें दूसरी गाड़ी में बानसूर सभा के लिए रवाना कर दिया। इस मामले में किसान नेता बलबीर छिल्लर ने पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कुलदीप यादव सहित करीब 30-40 लोगों पर ततारपुर थाने में मामला दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार देर रात हमला करने वाले कुलदीप यादव सहित 16 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
 
उन्होंने बताया कि कुलदीप यादव ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने मामा से 3 लाख रुपए उधार लिए थे, जिनमें से 2 लाख उधारी चुका दी, बाकी करीब 50 हजार रुपए इन 30-40 साथियों पर खर्च कर दिए और 45 हजार रुपए नकद बच गए, वहीं पुलिस ने एक गाड़ी को जब्त कर लिया, साथ ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। 
 
इन गिरफ्तार आरोपियों का किसी भी राजनीतिक पार्टी या दल से संबंध होना नहीं पाया गया है। पुलिस ने छात्र संघ अध्यक्ष कुलदीप यादव सहित गिरफ्तार 16 आरोपियों को किशनगढ़बास कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायाधीश ने उन्हें दो दिन के पीसी रिमांड पर भेजने के आदेश दिए।

Share this Story:
  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

webdunia
मानव तस्करी पर अपने पत्र को किसान आंदोलन से जोड़ने की गृह मंत्रालय ने की आलोचना