Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

भाजपा MLA के पुत्र के खिलाफ रेप केस, 19 साल बाद महिला ने दर्ज कराया मुकदमा

हमें फॉलो करें webdunia
गुरुवार, 22 सितम्बर 2022 (00:19 IST)
आगरा। भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक के खिलाफ प्रताड़ित करने और उनके पुत्र के खिलाफ पुलिस ने बलात्कार का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि 36 वर्षीय महिला की शिकायत पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

ताजगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, फतेहाबाद से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा के पुत्र लक्ष्मीकांत वर्मा ने 2003 में महिला के साथ कथित रूप से बलात्कार किया था, जब उसकी उम्र महज 17 साल थी। प्राथमिकी के अनुसार, महिला विधायक की बेटी की मित्र थी और अक्सर उनके घर जाया करती थी।

उसमें कहा गया है, 16 नवंबर, 2003 को लक्ष्मीकांत वर्मा ने उसे नशीला द्रव्य मिलाकर पेय पदार्थ पिलाया और जब वह बेहोश हो गई तो उसने उसके साथ बलात्कार किया। प्राथमिकी के अनुसार, महिला ने दावा किया कि वर्मा ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया और इस बारे में किसी को भी बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

प्राथमिकी के मुताबिक, घटना के कुछ वक्त बाद लक्ष्मीकांत वर्मा ने मंदिर में उससे शादी कर ली और आगरा में एक साइबर कैफे में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी दिला दी। कैफे वर्मा और उनके मित्र का था। प्राथमिकी के अनुसार, दोनों को पहली संतान बेटी हुई, और वर्मा दूसरी संतान के तौर पर बेटा चाहते थे, इसलिए उन्होंने उसका गर्भपात कराया, और अंतत: उसने एक बेटे को जन्म दिया।

प्राथमिकी के अनुसार, लक्ष्मीकांत वर्मा ने महिला को तलाक लेने के लिए मजबूर किया और 2006 में राजस्थान की एक महिला से विवाह कर लिया। प्राथमिकी के अनुसार, महिला ने कहा है कि उसका तथा उसके दो बच्चों का जीवन बर्बाद करने के लिए भाजपा विधायक और उनके परिवार के सदस्य जिम्मेदार हैं।

ताजगंज थाने के प्रभारी भूपेन्द्र बालियान ने कहा, लक्ष्मीकांत वर्मा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 376 (बलात्कार), 313 (गर्भपात कराना), 323 और 328 (चोट पहुंचाना), 504 (जानबूझकर अपमान करना), 506 (आपराधिक धमकी) और 494 (द्विविवाह) में मामला दर्ज किया गया है।(भाषा)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

हिजाब विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम धैर्य खो रहे हैं, 1 घंटे में खत्म करें दलीलें