Publish Date: Tue, 20 Feb 2018 (00:01 IST)
Updated Date: Tue, 20 Feb 2018 (00:05 IST)
चेन्नई। वर्षीय बच्ची का बलात्कार और हत्या करने के दोषी 23 वर्षीय इंजीनियर को यहां की एक अदालत ने कानून के तहत दी जाने वाली अधिकतम सजा, मौत की सजा सुनाई। चेनगालपेट की महिला अदालत ने इंजीनियरिंग से स्नातक देशवंत को विभिन्न आरोपों में 46 वर्ष के सश्रम कारावास की भी सजा सुनाई।
उसने अपनी पड़ोसी सात वर्षीय बच्ची का छह फरवरी 2017 को बलात्कार किया और फिर उसका शव जला दिया। बलात्कार और हत्या के आरोप में जमानत पर बाहर आने के बाद पिछले वर्ष दिसंबर में उसने अपनी मां की कथित तौर पर हत्या की और उसके गहने लेकर भाग गया। उसे मुंबई में पकड़ लिया गया। इस मामले में सुनवाई लंबित है।
महिला अदालत की न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी वेलमुरुगन ने भारतीय दंड संहिता तथा पोक्सो कानून के तहत उसे सभी आरोपों का दोषी ठहराया। उन्होंने दिल्ली में हुए निर्भया मामले का हवाला दिया और कहा, न्यूनतम दंड देने का कोई कारण नहीं है। हम अधिकतम दंड नहीं देंगे तो लोगों का न्यायपालिका से भरोसा उठ जाएगा। इस मामले में अधिकतम दंड देने का हर कारण मौजूद है। (भाषा)