Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

Joshimath landslide : जोशीमठ क्षेत्र में भूस्‍खलन के कारणों की होगी जांच, कमिश्नर ने दिए NDRF की तैनाती के निर्देश

हमें फॉलो करें Joshimath landslide : जोशीमठ क्षेत्र में भूस्‍खलन के कारणों की होगी जांच, कमिश्नर ने दिए NDRF की तैनाती के निर्देश

एन. पांडेय

, शुक्रवार, 6 जनवरी 2023 (22:01 IST)
चमोली। गढ़वाल के मंडल आयुक्त सुशील कुमार, आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा सहित विशेषज्ञ भू-वैज्ञानिकों की टीम को लेकर जोशीमठ में भू-धंसाव को लेकर प्रभावित क्षेत्रों का गहन सर्वेक्षण करते हुए नगर के विभिन्न जगहों पर गए। जोशीमठ नगर में भू-धंसाव की बढ़ती समस्या को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार ने सुरक्षा के दृष्टिगत जोशीमठ में एनडीआरएफ दल की तैनाती के निर्देश भी दिए।

आपदा प्रबंधन सचिव ने कहा कि जोशीमठ नगर क्षेत्र में भू-धंसाव के कारणों की जांच की जा रही है। टीम के द्वारा हर नजरिए से समस्या का आकलन किया जा रहा है। घरों में दरारें चिंताजनक हैं। अभी तत्कालिक रूप से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना हमारी प्राथमिकता है।

स्थाई रूप से जो भी निर्माण कार्य हो सकते हैं, उसका प्लान तैयार किया जाएगा। ड्रेनेज सिस्टम पर जल्दी ही कार्य शुरू होने वाला है। साथ ही सभी घरों को सीवर से कनेक्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप, जोशीमठ शहर में भू-धंसाव की समस्या को रोकने के लिए टीम प्रत्येक नजरिए से जांच कर रही है।

इस दौरान टीम ने जोशीमठ के सुनील गांव, मनोहर बाग, सिंग्धार, जेपी, मारवाड़ी, विष्णु प्रयाग, रविग्राम, गांधीनगर आदि प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया। साथ ही तपोवन पहुंचकर एनटीपीसी टनल के अंदर एवं बाहर संचालित कार्यों का जायजा भी लिया।

निरीक्षण के दौरान गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार, आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा, आपदा प्रबंधन के अधिशासी अधिकारी पीयूष रौतेला, एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट रोहितास मिश्रा, भूस्खलन न्यूनीकरण केंद्र के वैज्ञानिक सांतुन सरकार, आईआईटी रूड़की के प्रोफेसर डॉ. बीके माहेश्वरी, सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र, एडीएम डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक सैनी, तहसीलदार रवि शाह आदि मौजूद थे।
webdunia

मुख्यमंत्री धामी ने डेंजर जोन को तत्काल खाली करवाने के दिए निर्देश : सचिवालय में जोशीमठ भू-धंसाव मामले की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने जोशीमठ में डेंजर जोन को तत्काल खाली करवाकर स्थाई पुनर्वास के लिए पीपलकोटी और गौचर सहित अन्य स्थानों पर सुरक्षित जगह तलाशने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में जोशीमठ शहर के भू-धंसाव से प्रभावित संकटग्रस्त परिवारों के पुनर्वास की वैकल्पिक व्यवस्था एवं भू-धंसाव के कारणों आदि के संबंध में उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने जोशीमठ की ताजा स्थिति की जानकारी भी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस स्थिति में जानमाल की सुरक्षा एवं बचाव पर ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे समय में लोगों की मदद करना हम सबका दायित्व एवं जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति में लोगों में भरोसा बनाए रखने की भी बात कही। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों के पुनर्वास तथा उन्हें अन्यत्र शिफ्ट करने में भी तेजी लाए जाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों में सरकार और प्रशासन का भरोसा बनाए रखने के लिए धरातल पर काम करने वाले प्रशासनिक मशीनरी को संवेदनशील होना होगा। इसके लिए हमें तात्कालिक तथा दीर्घकालिक कार्ययोजना पर गंभीरता से कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा, संभावित डेंजर जोन भी चिन्हित कर लिए जाएं। समय पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचना जरूरी है। इस संबंध में सैटेलाइट इमेज भी उपयोगी हो सकती है।
Edited By : Chetan Gour

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

दरारों से रिसता दर्द, उत्तराखंड के जोशीमठ का अस्तित्व खतरे में