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वंदे मातरम न गाने पर AIMIM पार्षद व कार्यकर्ताओं की पिटाई, शपथ समारोह से किया बाहर

हमें फॉलो करें वंदे मातरम न गाने पर AIMIM पार्षद व कार्यकर्ताओं की पिटाई, शपथ समारोह से किया बाहर

हिमा अग्रवाल

, शुक्रवार, 26 मई 2023 (19:55 IST)
2023 में उत्तर प्रदेश में नगर निगम के चुनाव हुए हैं, जिसमें सातों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के मेयर बनकर एक मिसाल कायम की है। मेरठ जिले में आज नगर निगम के मेयर और जीते पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के सुभाषचंद्र प्रेक्षागृह में आयोजित हुआ, लेकिन यहां AIMIM और बीजेपी पार्षदों व कार्यकर्ताओं में नोकझोंक व मारपीट हो गई।

मारपीट के दौरान मंच से मेयर शपथ ग्रहण कर रहे थे और मंच पर ही भाजपा का शीर्ष नेतृत्व, मंत्री, मेरठ कमिश्‍नर जे. सेल्वा कुमारी, डीएम व एसएसपी मौजूद थे। मारपीट का आरोप भाजपा के कार्यकर्ताओं पर लगा है कि उन्होंने AIMIM के सभासदों को वंदे मातरम न गाने के लिए पीटा और कार्यक्रम से बाहर निकाल दिया, पुलिस ने बमुश्किल स्थिति को नियंत्रित किया।

मेरठ में नगर निगम में जीते मेयर और सभासदों के शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम से हुई। नगर निगम के कर्मचारी वैभव ने माइक से गलत वंदे मातरम गाया, जिस पर मेरठ सांसद राजेंद्र अग्रवाल और राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने आपत्ति उठाते हुए पुन: माइक से राष्ट्रगीत गाया।

आरोप है कि AIMIM के पार्षदों ने वंदे मातरम नहीं गाया, जिसके चलते भाजपा पार्षद और कार्यकर्ता गुस्से में आ गए और उन्होंने AIMIM पार्षद व कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट  हुए शपथ स्थल से बाहर निकाल दिया। मामला बढ़ता हुए देखकर एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक व पुलिस बल को बीचबचाव के लिए उतरना पड़ा।

आरोप है कि मेरठ नगर निगम में शपथ समारोह कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' से हुई। कार्यक्रम में शिरकत करने आए तमाम नेताओं, कार्यकर्ताओं और नवनिर्वाचित पार्षद राष्ट्रगीत के सम्मान में अपनी सीट से खड़े होकर सम्मानपूर्वक राष्ट्रगीत गुनगुना रहे थे, लेकिन उस दौरान एआईएमआईएम के पार्षद और कार्यकर्ता अपनी सीट से खड़े नहीं हुए और वो कुर्सी पर ही बैठे रहे, यह देखकर बीजेपी पार्षदों और कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया और उन्होंने AIMIM पार्टी के लोगों को मारपीट करते हुए खदेड़ दिया।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हंगामे की सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पार्टियों के नेताओं को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। बीजेपी पार्षद बार-बार यही कह रहे थे कि इन्होंने वंदे मातरम् नहीं गाकर अपमान किया है।

AIMIM के वार्ड 75 से रेशमा सभासद चुनी गई हैं, आरोप है कि उन्होंने व उनके पति दिलशाद ने वंदे मातरम पर टिप्पणी कर दी, जिसका विरोध भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया, देखते ही देखते हंगामा और मारपीट हो गई। AIMIM के जिलाध्यक्ष ने कहा कि संविधान में जबरन किसी को वंदे मातरम गाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है, हम भारत के वाशिंदे हैं, राष्ट्रगान गाना हमारा अधिकार है।

वार्ड 72 से पार्षद शाहिद अंसारी का कहना है कि भाजपा के गुंडों ने उन्हें मारपीट करके बाहर निकाल दिया, यदि पुलिस न होती तो आज उनकी जान चली गई होती। इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा नेता विनीत शारदा का कहना है कि जो लोग वंदे मातरम नहीं गा सकते, वह देश छोड़कर पाकिस्तान चले जाएं। मेयर हरिकांत अहलूवालिया का कहना है कि किसी भी हालत में वंदे मातरम का अपमान सहन नहीं किया जाएगा। मेयर हरिकांत अहलूवालिया नगर निगम में दूसरी बार मेयर बने हैं, उनके पहले कार्यकाल में सदन के अंदर मुस्लिम पार्षदों द्वारा वंदे मातरम न गाने को को लेकर जमकर विवाद किया था।

आज वही मुद्दा ओवैसी की पार्टी के पार्षदों ने दोबारा खड़ा कर दिया है। प्रश्न यह भी है कि मेयर हरिकांत अहलूवालिया वंदे मातरम के पक्षधर हैं, वह सदन में इसकी लड़ाई लड़ चुके हैं, ऐसे में नगर निगम के कर्मचारी वैभव द्वारा गलत राष्ट्रगीत भरी सभा में माइक से गाना भी उसका अपमान है, हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने दोबारा सही वंदे मातरम गाकर डेंट को पेंट करने की कोशिश की है।

गौरलतब है कि इस बार नगर निगम चुनाव में AIMIM पार्टी के उम्मीदवार पूरी यूपी में खड़े हुए थे, लेकिन मेरठ में ओवैसी की पार्टी के अकेले 11 पार्षद चुने गए हैं, हालांकि मेयर भाजपा का बना है, लेकिन दूसरे नंबर पर AIMIM मेयर प्रत्याशी अनस रहा है। मेरठ में मुसलमानों का रुझान ओवैसी की तरफ बढ़ता देखकर भाजपा और सपा परेशान दिखाई दे रही है।

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