Publish Date: Sat, 14 Feb 2026 (20:13 IST)
Updated Date: Sat, 14 Feb 2026 (20:23 IST)
- जीएसडीपी 13 लाख करोड़ से बढ़कर 2026-27 में 36 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की ओर अग्रसर
- 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में महिला श्रम भागीदारी 13% से बढ़कर 36% पर पहुंच गई
- वर्ष 2017 में करीब 13 लाख करोड़ रुपए तक सीमित रही जीएसडीपी
Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश की तेज रफ्तार अर्थव्यवस्था के पीछे महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते 9 वर्षों में राज्य में महिला श्रम बल भागीदारी दर 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जिससे उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति मिल रही है। इसी अवधि में प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2017 में करीब 13 लाख करोड़ रुपए तक सीमित रही जीएसडीपी 2026-27 में बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपए की ओर अग्रसर है।
महिला श्रम बल भागीदारी दर में हर 1 प्रतिशत की वृद्धि से सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 0.5 से 1 प्रतिशत तक अतिरिक्त उछाल आता है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अर्थशास्त्र का यह सिद्धांत व्यवहार में साबित होता दिख रहा है। यही नहीं, महिला कार्यबल बढ़ने से उत्पादन क्षमता, श्रम उत्पादकता और राज्य के टैक्स बेस तीनों में समानांतर विस्तार हुआ है।
महिलाएं बनीं ग्रोथ मल्टीप्लायर
महिलाओं की आय बढ़ने से घरेलू उपभोग में वृद्धि हुई है, जिससे एमएसएमई गतिविधियों और सेवा क्षेत्र को लगातार गति मिल रही है। ग्रामीण स्वयं सहायता समूह, डेयरी और कृषि आधारित उद्योगों से लेकर शहरी सेवा क्षेत्र तक महिलाएं अब ग्रोथ मल्टीप्लायर की भूमिका निभा रही हैं।
ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की राह आसान करेंगी महिलाएं
नीतिगत स्तर पर महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए उत्तर प्रदेश में आर्थिक भागीदारी का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो उत्तर प्रदेश की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की राह में महिलाओं की भूमिका निर्णायक रहेगी।
Edited By : Chetan Gour