Publish Date: Sun, 28 May 2017 (16:09 IST)
Updated Date: Sun, 28 May 2017 (16:22 IST)
नई दिल्ली। शीर्ष नेतृत्व द्वारा राजस्थान में मुख्यमंत्री बदलने की खबरों का भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बायतु (बाड़मेर) विधायक कैलाश चौधरी ने खंडन करते हुए इसे विरोधियों और विपक्ष द्वारा छोड़ा गया शिगूफा एवं साजिश बताया है।
चौधरी ने बातचीत में कहा कि राजस्थान सरकार केंद्र सरकार की तरह अपना ध्यान केवल विकास और सुशासन पर केंद्रित कर रही है जिससे विपक्ष के पास विरोध का अन्य कोई मुद्दा नहीं बचा है इसलिए वह विकास और सुशासन से प्रदेश सरकार का ध्यान बंटाने के लिए हताशा में मुख्यमंत्री बदलने जैसे हवाई शिगूफे छोड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार प्रदेश के विकास कार्यों में केंद्र की मोदी सरकार के नक्शेकदम पर चल रही है। प्रदेश सरकार ने 3 सालों में कांग्रेस सरकार द्वारा विरासत में दिए बीमारू राज्य के टैग को दूर करने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने बिना किसी भेदभाव के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ सपने को जमीन पर उतारने का काम किया है।
चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सर्वमान्य करिश्माई नेतृत्व में राजस्थान विकास के क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। बाड़मेर में स्वीकृत रिफाइनरी का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि पिछली सरकार की तुलना में हमने रिफाइनरी का सस्ता और सुलभ समझौता किया है जिससे राज्य सरकार को 40,000 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है।
उन्होंने बताया कि हमने प्रधानमंत्री मोदी से रिफाइनरी के शिलान्यास के लिए समय मांगा है और उनकी स्वीकृति मिलते ही युद्धस्तर इसका काम शुरू हो जाएगा। रिफाइनरी से प्रदेश की विकास दर में वृद्धि होगी और विशेषकर पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके में तो कायाकल्प हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को राज्य की जनता, शीर्ष नेतृत्व, सरकार तथा संगठन सबका भरोसा हासिल है। मुख्यमंत्री का केंद्र सरकार और संगठन के साथ बहुत अच्छा तालमेल और समन्वय है तथा वे हमेशा सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखती हैं। प्रदेश को विकास के पथ पर सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए हम एक बार फिर उनके नेतृत्व में चुनावों में जाएंगे और जनता का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। (भाषा)