Publish Date: Mon, 03 Apr 2017 (11:00 IST)
Updated Date: Mon, 03 Apr 2017 (11:02 IST)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के चेयरमैन डॉ. अनिरुद्ध यादव को तलब किया। यूपीपीएससी में भर्ती में एक विशेष जाति को प्राथमिकता देने के आरोप लगे थे। बताया जा रहा है कि एमएलसी दिनेश सिंह की शिकायत पर अनिरुद्ध यादव को तलब किया गया। सूत्रों के अनुसार यादव की यूपीपीएससी अध्यक्ष पद से छुट्टी भी हो सकती है।
परीक्षा में किसी खास जाति को विशेष तरजीह मिलने की शिकायतों के बाद सीएम योगी ने यह कदम उठाया है। कहा जा रहा है कि अनिरुद्ध यादव से पूछा जाएगा कि क्या वाकई इतनी प्रतिष्ठित परीक्षा में ऐसा किया गया।
गौरतलब है कि इलाहाबाद में जब भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक हुई थी, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगे कई समुदायों के प्रतिनधियों ने यह बात उठाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद राज्य में एक जाति के लोगों को सरकारी नौकरी में वरीयता दिए जाने के आरोप लगाए थे। इससे पहले भी राज्य की समाजवादी पार्टी सरकार एक जाति विशेष के लोगों को सरकारी नौकरी में ज्यादा तवज्जो देने के आरोप लगते चले आ रहे थे। इन्हीं सब आरोपों को चलते राज्य की नई सरकार ने यूपी पीएससी में बदलाव का मन बनाया है।
अधिकारी देंगे प्रजेंटेशन
उत्तर प्रदेश में आज और कल का दिन काफी अहम है क्योंकि सीएम योगी अब अफसरों की क्लास लेंगे। सभी मुख्य सचिवों से उनके विभागों के प्रजेंटेशन देने को कहा गया है। मुख्य सचिव 20 अप्रैल तक ऐसा करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी विभागों के अफसरों से कामकाज का ब्योरा और ब्लू प्रिंट ले रहे हैं। 20 अप्रैल तक अफसर अपने विभाग की प्रजेंटेशन देंगे। खबरों के अनुसार, सोमवार को उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा और कृषि शिक्षा जैसे विभाग सीएम को अपनी प्रजेंटेशन देंगे।