Publish Date: Sat, 17 Jun 2017 (14:12 IST)
Updated Date: Sat, 17 Jun 2017 (14:17 IST)
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार किसान कर्ज माफी की तर्ज पर दिव्यांगजनों का कर्ज माफ करने पर विचार कर रही है। अगर यह योजना मूर्तरूप लेती है तो यह दिव्यांगजनों को योगी सरकार का सबसे बड़ा तोहफा साबित होगी।
उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि किसानों की कर्ज माफी की तर्ज पर दिव्यांगजनों का कर्ज भी माफ करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास विचाराधीन है। कैबिनेट की अगली बैठक में या एकाध महीने में इनका कर्ज माफ किया जाएगा, यह आश्वासन मुख्यमंत्री जी ने दिया है और पूरी कैबिनेट पर इस पर सहमत है।
उन्होंने बताया कि बैंकों द्वारा दिव्यांग जनों को दुकान बनाने और चलाने के नाम पर 30,000 रुपए लोन दिया जाता था। 6821 दिव्यांगजनों ने लोन लिया था। जिसमें से 1 करोड़ 60 लाख रुपए जमा किया गया है, 3 करोड़ 88 लाख रुपए बकाया है।
मंत्री ने कहा कि बैंकों से रियायती दरों पर दिव्यांगजनों को मिलने वाले लोन की राशि 30,000 रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए करने की योजना उत्तर प्रदेश सरकार ने बनाई है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने दिव्यांगजनों की शादी के लिए अनुदान राशि 20,000 रुपए से बढ़ाकर 35,000 रुपए कर दिया है और यह 1 अप्रैल से लागू हो गया है। इसी तरह, अब राज्य के दिव्यांगजन उत्तरर प्रदेश परिवहन निगम की बस से देशभर में कहीं भी यात्रा कर सकते हैं। पहले वे केवल उत्तर प्रदेश में ही यात्रा कर पाते थे।
राजभर ने कहा कि दिव्यांगजनों को आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब वे ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, विधायक और सांसद से अपना आय प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे। विकलांगों को तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सरकार दिव्यांग महिलाओं को सिलाई मशीन देकर स्वावलंबन की ओर ले जाने की दिशा में काम करेगी, जबकि पुरुषों के लिए बैटरी चालित ट्राइसाईकिल उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है। इस ट्राईसाइकिल में एक छोटी ट्राली बनी होगी जिसमें वे सब्जी आदि रखकर बेच सकेंगे। (भाषा)