गोविंद वैभव ने आर्चीज गैलरी से कुछ खास खरीददारी की है। गिफ्ट इस बार गर्लफ्रेंड के लिए नहीं बल्कि उस व्यक्ति के लिए है जिसके प्यार और दुलार की छांव में उसने अपना बचपन गुजारा और जिसने कदम-कदम पर उसे सही रास्ते पर चलने की सीख दी। फादर्स डे के मौके पर वह अपने पिता को ढेरों उपहार देकर इस दिन को यादगार बनाना चाहता है।
गोविंद कहते हैं, ‘वैसे तो ऐसा एक भी दिन नहीं होता जब मैं अपने पिता से मिलने वाले दुलार के लिए भगवान को धन्यवाद नहीं देता, लेकिन आज एक ऐसा दिन है जब मैं अपने पिता को धन्यवाद देता हूं जिनसे मेरा वजूद है।’ पिता को सम्मान देने के लिए शुरू किया गया फादर्स डे इस बार भी जोर-शोर से मनाया जा रहा है। फादर्स डे का इतिहास भी कुछ कम रोचक नहीं है।