अक्सर यह देखा जाता है कि शादी के कुछ सालों तक तो पति-पत्नी खुश रहते हैं परंतु उसके बाद उनमें नोंक-झोंक की शुरुआत हो जाती है। यह नोंक-झोंक उन्हें एक-दूसरे से कटने पर मजबूर करती है। उम्र के ढलाव पर पति-पत्नी दोनों को एक-दूसरे के साथ की जरूरत पड़ती है। उस वक्त दोनों के लिए सामंजस्य बैठा पाना बहुत मुश्किल हो जाता है।
जब जीवनभर साथ ही रहना है तो क्यों न खुशी-खुशी रहा जाए। झगड़ों को सुलझाकर प्यार की शुरुआत करने के लिए पति-पत्नी दोनों में से किसी एक को तो पहल करनी ही होगी।
* समझें एक-दूसरे को :-
कई बार परिवार की जिम्मेदारियों में दंपत्ति इतने उलझ जाते हैं कि उन्हें अपने बारे में सोचने-समझने की फुरसत ही नहीं मिलती। जैसे-जैसे दोनों की उम्र ढलती जाती है वैसे-वैसे दोनों को एक-दूसरे की जरूरत अधिक महसूस होने लगती है। ऐसे में आपसी समझ व सामंजस्य के अभाव में पति-पत्नी को एक-दूसरे को समझने में ही बहुत वक्त लग जाता है।
जब तक आप दोनों एक-दूसरे को नहीं समझेंगे, तब तक आप रिश्ते में एक-दूजे के साथ तालमेल नहीं बैठा पाएँगे। तो क्यों न आपसी समझ व प्यार से एक नई शुरुआत की जाए व जिंदगी का पूरा-पूरा लुत्फ उठाया जाए।
* अपनी गलती स्वीकारें :- उम्र में बड़ा या छोटा होना हमारी जिम्मेदारियों को कम नहीं करता। गलतियाँ बड़े-छोटे सभी से हो सकती है। यदि हम हमेशा बड़े ही बने रहेंगे तो शायद हम कभी छोटों का सम्मान नहीं पा सकेंगे। पति-पत्नी दोनों में से जो भी गलती करता है, उन्हें अपनी गलती स्वीकार कर लेनी चाहिए। अपनी गलतियों पर माफी माँगना आपके जीवनसाथी के मन में आपके प्रति विश्वास पैदा करेगा। * करें प्यार की शुरुआत :- प्यार एक ऐसा मरहम है, जो वक्त के हर घाव को भर देता है। पति-पत्नी यदि बीती बातों को याद करके दु:खी होंगे तो वे कभी दांपत्य के इस रिश्ते में पूर्णता को प्राप्त नहीं कर पाएँगे। जिंदगी में अगर नई शुरुआत करनी है तो अतीत को भूलकर वर्तमान में प्यार के रंग भरने होंगे।जिस रिश्ते की बुनियाद ही प्यार है तो उस रिश्ते को क्यों न खुश होकर जिएँ और इस जिंदगी का भरपूर मजा लें।