मजबूत रिश्ते से बँधे हैं भाई बहन
'दो मई- भाई-बहन दिवस पर विशेष'
माँ-बाप अपने बच्चे के लिए जमाने भर के खिलौने खरीदते हैं जो कभी न कभी टूट जाते हैं लेकिन अपने बच्चे को छोटा भाई या बहन देकर वह उसे ऐसा जीता जागता खिलौना देते हैं जो उनके दुनिया से जाने के बाद भी बच्चे को अकेलेपन का अहसास नहीं होने देता।
जिस भाई या बहन से हम बचपन में लड़ते झगड़ते हैं और खेलते हैं उसके बारे में शायद ही कभी गहराई से यह सोचा जाता हो कि वह माँ- बाप की कितनी खूबसूरत देन है।
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. बकुल अरोड़ा कहती हैं बच्चे का भाई या बहन होना बहुत जरूरी है। देखिए माँ-बाप तो हमेशा दुनिया में नहीं बैठे रहेंगे। तो उनके जाने के बाद कोई तो ऐसा हो जिससे इंसान जिंदगी में अपना सुख-दुख बाँट सके और इसके लिए भाई या बहन से बेहतर रिश्ता कोई नहीं हो सकता है।
वैज्ञानिकों ने भी कई रिपोर्टों में कहा है कि भाई या बहन के साथ बचपन गुजारने वाले बच्चे अधिक आत्मविश्वासी कुशाग्र बुद्धि तथा सामंजस्य बिठाने वाले होते हैं। गौरतलब है कि पूरी दुनिया में दो मई को बहन-भाई दिवस मनाया जाता है। यह कुछ कुछ सिबलिंग डे जैसा ही है जो दस अप्रैल को मनाया जाता है।
सर गंगाराम अस्पताल के बाल मनोचिकित्सक डॉ. दीपक गुप्ता ने इस संबंध में भाषा को बताया कि एकल परिवारों में एकल बच्चे का चलन दीर्घकाल में समाज के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। वह बताते हैं आज एक तो कामकाजी माता-पिता के पास बच्चों के लिए वैसे ही समय नहीं है और उस पर यदि बच्चा घर में भी अकेला है तो वह किससे अपनी भावनाएँ व्यक्त करे किसके साथ खेले।
डॉ. गुप्ता कहते हैं भले ही माँ- बाप कितना भी क्वालिटी समय बच्चे के साथ गुजारें लेकिन वह बच्चे के हमउम्र नहीं बन सकते। जो साथ बच्चे को अपने भाई बहन के साथ मिलता है उसकी किसी भी खिलौने से भरपाई नहीं की जा सकती।
डॉ. गुप्ता कहते हैं कि सगे भाई बहनों में आपसी प्रतिद्वंद्विता भी होती है लेकिन यह स्वाभाविक है और समय के साथ यह अपने आप समाप्त हो जाती है। लेकिन भाई या बहन का रिश्ता शायद माँ-बाप के रिश्ते के बाद दुनिया का सबसे खूबसूरत रिश्ता होता है।
वह कहते हैं वे बच्चे बेहद खुशनसीब हैं जिनके भाई या बहन हैं क्योंकि माँ या बाप के बाद कोई भी बच्चा खुद को सबसे अधिक सुरक्षित अपने भाई या बहन की संगत में ही महसूस करता है। कई दशक पहले आबादी पर अंकुश लगाने के लिए एक नारा दिया गया था बच्चे दो ही अच्छे। लेकिन अब इस नारे को थोड़े संशोधन के साथ इस तरह से अपनाए जाने की जरूरत है कि एक नहीं दो ही बच्चे होते हैं अच्छे।
About Writer
भाषा
भाषा हिन्दी समाचार एजेंसी है, जो कि वेबदुनिया को अनुबंध के तहत देश-विदेश की खबरें उपलब्ध करवाती है।....
और पढ़ें