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रिश्ते खट्टे- मीठे

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रिश्ते खट्टे- मीठे
- रोशनी मिश्र
ND
रिश्ते जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्तमान परिदृश्य में रिश्तों में कड़वाहट घुलती जा रही है। कुछ रिश्ते इतने नाजुक होते हैं कि उन्हें विशेष तवज्जो की जरूरत होती है। कई बार अनजाने ही हमसे ऐसी गलतियाँ हो जाती हैं कि रिश्ते या संबंध टूट जाते हैं।

रिश्ता चाहे कोई भी हो भाई-बहन, माता-पिता, चाचा, मामा, मित्र या पति-पत्नी हर रिश्ते की अपनी एक गरिमा होती है साथ ही माँग भी। जब कोई प्यारा सा रिश्ता हमारी अनजानी गलतियों की वजह से टूट जाता है तब हमें अहसास होता है कि शायद कहीं कोई कमी रह गई थी।

रिश्ते को बनाए रखने के लिए इस बात को समझना जरूरी है कि किस रिश्ते को हम किस नजरिए से देखते हैं। यहाँ यह ध्यान रखना आवश्यक है कि हर रिश्ते की प्राथमिकता व महत्व अलग-अलग होते हैं। अतः प्रत्येक रिश्ते का महत्व समझकर उसे उसी श्रेणी में रखा जाना आवश्यक है।

जीवन में माता-पिता से बड़ा कोई रिश्ता नहीं होता। कई बार युवक विवाह होने के बाद अपनी ही दुनिया में खो जाते हैं। जहाँ माता-पिता का कोई स्थान नहीं होता। यह गलत है। युवकों को यह बात हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि हमारे माता-पिता के प्रति भी हमारे कुछ कर्तव्य हैं, जो हमें निभाने हैं। वहीं दूसरी ओर परिस्थितियाँ इसके विपर‍ीत भी होती हैं।

कुछ युवक माता-पिता की सेवा करते हुए पत्नी की ओर से उदासीन हो जाते हैं। यह भी गलत है। आवश्यकता है संतुलन बनाए रखने की, सही तालमेल की।
  रिश्ता चाहे कोई भी हो भाई- बहन, माता-पिता, चाचा, मामा, मित्र या पति-पत्नि हर रिश्तें की अपनी एक गरिमा होती है साथ ही माँग भी। जब कोई प्यारा सा रिश्ता हमारी अनजानी गलतियों की वजह से टूट जाता है तब हमें अहसास होता है कि शायद कहीं कोई कमी रह गई थी।      
अपने जीवन में आपके लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण कौन है, यह आप निर्धारित कीजिए किंतु अन्य रिश्तों को भी आवश्यकता अनुरूप समय दें, सम्मान दें ताकि हर रिश्ते की गरिमा बनी रहे।

निम्न कुछ बातों पर अमल कीजिए और फिर देखिए कि आपके रिश्ते कितने मधुर हो जाएँगे :

1. छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करना सीखिए।
2. क्षमा करना अपने व्यवहार में शामिल कीजिए।
3. अपने से बुजुर्ग से हमेशा आदर से बात कीजिए। वे क्या कहना चाह रहे हैं पहले उसे सुनिए, बाद में अपनी बात रखिए।
4. हमेशा आलोचक बनने की बजाए सामने वाले की अच्छाई भी देखें।
5. व्यवहार में विनम्रता शामिल कीजिए।
6. समय कभी लौट कर नहीं आता। अतः समय रहते आपके अपनों को खुशी देने का कोई अवसर मत छोड़िए।
7. रिश्तों मे हमेशा तालमेल बनाकर रखें। दो रिश्तों के बीच हमेशा सेतु बनने का प्रयास करें, उन्हें बिगाड़ने का नहीं।
8. रिश्तों में संवाद बहुत आवश्यक है। अतः हमेशा अपने करीबियों ‍से बातचीत बनाए रखें।

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