आपको 'गजनी' फिल्म याद होगी, जिसमें भोली-भाली, रहमदिल कल्पना (असिन) के व्यक्तित्व पर संजय (आमिर) मर मिटता है। ऐसी कई फिल्में हैं जिनमें यह बात उजागर हुई थी कि लड़कियों का ऐसा व्यक्तित्व लड़कों को प्रभावित करता है।
अब नया शोध पुरुषों के लिए भी यह विशेष खबर लेकर आया है कि उनमें अन्य किसी बात और व्यवहार की अपेक्षा उनकी रहमदिली और परमार्थी व्यवहार ही महिलाओं को सर्वाधिक आकर्षित करता है। यदि आपके पास भी ऐसा ही रहमदिल परमार्थी व्यक्तित्व है तो तैयार हो जाइए, आपको अच्छी लगने वाली कोई भी लड़की आप पर कुर्बान हो जाएगी।
दूसरों की मदद करने वाले युवाओं के लिए यह खुशखबरी है। यदि वे किसी लड़की को पसंद कर रहे हैं तो वह आपके दूसरों की मदद करने वाले व्यवहार से प्रभावित होकर अपने दिल के दरवाजे आपके लिए खोल सकती है। नॉटिंघम यूनिवर्सिटी में हाल ही हुआ शोध यह निष्कर्ष लेकर आया है। शोध कह रहा है कि महिलाओं को किसी अन्य व्यवहार की अपेक्षा पुरुषों में उनका परमार्थी व्यवहार अधिक आकर्षित करता है।
कई महिलाओं का मानना कि दिल के मामले में सोच-समझकर निर्णय लेना बेहतर होता है। ज्यादातर पुरुष स्वार्थी होते हैं और अपने काम से काम रखने वाले होते हैं। इसी तरह का व्यवहार वे संबंधों में भी रखते हैं। इसी का परिणाम होता है कि उनके द्वारा बनाए गए संबंध में 'गिव एंड टेक' वाले होते हैं। इनके संबंधों का आखिरी उद्देश्य कुछ प्राप्त करना ही होता है।
ऐसे समय में ऐसे पुरुष निश्चित रूप से ध्यान खींचते हैं जो निःस्वार्थ भाव से किसी की मदद करते देखे जाते हैं। वाकई में ऐसे समय जब किसी के पास अपने लिए ही समय नहीं है, किसी को दूसरे की मदद करते देखना किसी सुखद आश्चर्य से कम नहीं है।
अध्ययन में शामिल एक शोधकर्ता कहते हैं कि हमारे पूर्वज किसी की आगे बढ़कर और स्वेच्छा से मदद करते थे। यही कारण है कि उस समय संबंध नैसर्गिक होते थे। हमने रिसर्च में पाया कि आज भी किसी अन्य व्यवहार की तुलना में परमार्थी व्यवहार ही अधिक आकर्षित करता है।
किसी महिला से संबंध में शारीरिक कारक शुरुआत में ही किसी को आकर्षित कर सकते हैं। किसी से संबंध तभी दृढ़ हो सकते हैं जब आप स्वार्थी न हों और आपका नेचर केयरिंग और स्वीट हो। छात्र केतन कहते हैं, 'संबंधों की दृढ़ता और मजबूती के लिए यह आवश्यक है कि आप स्वार्थी न हों। लेकिन इसके लिए यह बिलकुल आवश्यक नहीं कि आप स्वयं को भूल ही जाएँ। आपका नेचर परमार्थी हो, यह सही है लेकिन यह थोपा हुआ न हो।'