कहते हैं जोड़ियाँ स्वर्ग में बनती हैं, पर उन्हें निभाना तो इसी धरती पर ही पड़ता है। मानव अपने जीवन के विभिन्न पड़ाव पार करता है जिनमें सबसे महत्वपूर्ण है विवाह। हर किसी को तलाश होती है एक परफेक्ट लाइफ पार्टनर की। कुछ की पूरी होती है, कुछ की नहीं और कुछ को जो भी मिलता है उसी को परफेक्ट मान लेते हैं या बना लेते हैं।
पहले के जमाने में लड़की की उम्र 18 की होने के पहले ही शादी कर दी जाती थी। अक्सर लड़का भी कोई ज्यादा आयु का नहीं होता था। धीरे-धीरे मान्यताएँ बदलीं और शादी की उम्र भी आगे बढ़ी। जैसे हर काम करने का एक सही समय होता है वैसे ही शादी की भी एक सही उम्र होती है।
जज्बातों के धागे एक निश्चित उम्र तक ही ठोस रूप से जुड़ पाते हैं। उसके बाद रिश्ते में वो गर्माहट नहीं रह जाती। इसका गणित क्या है यह जानना जरूरी है जब आप जीवनभर का नाता जोड़ने जा रहे हों। इसी प्रकार लड़का और लड़की की आयु में कितना अंतर हो यह भी महत्वपूर्ण है।
भारतीय समाज में यह मान्यता रही है कि लड़का चाहे ज्यादा उम्र का हो, पर लड़की कम आयु की होनी चाहिए। लड़की की उम्र थोड़ी भी ज्यादा हो तो कानाफूसी शुरू हो जाती है। ये दोहरा मापदंड क्यों? कभी-कभी इसी उलझाव में जीवन रथ के दोनों पहियों में इतना फासला हो जाता है कि आगे नहीं बढ़ा जाता। ऐसे में रिश्ता जल्दी खत्म हो जाता है। इस बारे में युवा क्या कहते हैं आइए जानते हैं।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटे संतोष वास्केल कहते हैं,'विवाह तो भारतीय परंपरा और संस्कृति के लिए एक संस्था है, एक आधार है। इसमें लड़का और लड़की दोनों का बराबर महत्व है। बात उम्र में अंतर की हो तो मेरे विचार से अधिक फासला रिश्ते में बुरा असर डालता है। एक उदाहरण भी मैंने देखा है।
मेरी एक क्लासमेट की शादी उम्र में 11 साल बड़े लड़के से कर दी गई। थोड़े समय तो सब ठीक चला पर बाद में रिश्ते में दरार आ गई। अगर एक 35 वर्ष के व्यक्ति का विवाह 24 वर्ष की युवती से किया जाए तो विचारों में अंतर तो आएगा ही। आदर्श स्थिति तो ये होनी चाहिए कि दोनों की उम्र में 3-4 साल से ज्यादा अंतर नहीं होना चाहिए फिर भले ही लड़का बड़ा हो या लड़की।'
एमए के छात्र डेविड तिर्की कहते हैं,'लड़की उम्र में बड़ी हो यह व्यावहारिक रूप से सही नहीं होगा क्योंकि मुझे लगता है कि लड़कियाँ, लड़कों की तुलना में ज्यादा मैच्योर होती हैं। यानी दूल्हे से दुल्हन उम्र में यदि 5 साल छोटी हो यह बिलकुल सही है। ऐसे में दोनों जोड़ियों का तालमेल बिलकुल सही होगा। लेकिन इससे कम या अधिक अंतर दोनों में जनरेशन गैप पैदा कर सकता है। बड़ी उम्र की लड़की की भूमिका जोड़ीदार सरीखी नहीं अभिभावक सी हो जाती है।'