Relationship %e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%80 %e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%b0 %e0%a4%ac%e0%a4%81%e0%a4%a7%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a5%80 %e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%ae %e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97 108062500016_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

सुनहरी डोर बँधेगी तुम संग

Advertiesment
सुनहर‍ी डोर
ND
हवा के घोड़े पर सवार एक नकाबपोश, सजीला, 'हैंडसम हंक', जो आपके एक इशारे पर आसमान से तारे तोड़ लाता है... वगैरह... वगैरह। सपनों का शहजादा, युवावस्था में कदम रख रहीं लड़कियों के लिए यह एक खूबसूरत एहसास तो है ही, सारी जिंदगी के साथ का 'प्रैक्टिकल' मसला भी है।

हर युवती का सपना होता है 'प्रिंस चार्मिंग' लेकिन कल्पनाओं से परे असल जीवन में इस प्रिंस चार्मिंग के होने में काफी अंतर होता है। सपने सभी देखते हैं लेकिन जिंदगी के फैसले लेते समय हकीकत का तराजू साथ रखते हैं। तो कैसा होता है आज की युवतियों के सपनों के शहजादे का स्वरूप, क्या परीकथाओं जैसे राजकुमार असल जिंदगी में मिल सकते हैं और जिंदगी भर के साथ का फैसला करते समय कल्पनाओं को साथ रखना कितना महत्वपूर्ण है?

एमसीए की छात्रा मीनल जैन कहती हैं- यह सही है कि सबके मन में ऐसी कल्पना होती है, लेकिन यह भी उतना ही सही है कि सपने-सपने ही होते हैं। कोई भी व्यक्ति असलियत में संपूर्ण नहीं हो सकता। इसलिए जहाँ तक सपनों के राजकुमार की बात है, असलियत इससे अलग हो सकती है।
  हवा के घोड़े पर सवार एक नकाबपोश, सजीला, 'हैंडसम हंक', जो आपके एक इशारे पर आसमान से तारे तोड़ लाता है... वगैरह... वगैरह। सपनों का शहजादा, युवावस्था में कदम रख रहीं लड़कियों के लिए यह एक खूबसूरत एहसास तो है ही, सारी जिंदगी के साथ का 'प्रैक्टिकल' है।      


सपने अधिकांशतः कल्पनाओं से जुड़े होते हैं जबकि जिंदगी हमें हकीकत में जीना होती है और यहाँ सब कुछ परिस्थितियों पर निर्भर करता है। मेरे लिए प्रिंस चार्मिंग की परिभाषा थोड़ी अलग है। मैं सुंदरता के बजाय गुणों को महत्व दूँगी। मेरी कल्पना एक ऐसे प्रिंस चार्मिंग की है, जो मुझे समझे, मेरे निर्णयों का सम्मान करे एवं अपने तथा मेरे, दोनों परिवारों को समान रूप से आदर दे। हम दोनों के बीच पारदर्शिता रहे बजाय बातों को छुपाने के या झूठ बोलने के।

वास्तविकता सपनों से अलग होती है, बीएससी (बायोटेक) की छात्रा अपूर्वा सोहोनी मुस्कुराते हुए कहती हैं। ये सच है कि युवावस्था में हम फेयरी टेल्स जैसे सपनों में जीते हैं, लेकिन जब बात चयन की होती है तो मामला प्रैक्टिकल हो जाता है। सिंड्रेला जैसी जादूभरी कहानियाँ और राजकुमार भ्रम ही है, हकीकत इससे कहीं अलग होती है। इस मामले में मेरी सोच बिलकुल स्पष्ट है।

प्रिंस चार्मिंग के रूप में मेरी कल्पना ऐसे व्यक्ति की है, जो आत्मविश्वास से भरपूर व सुलझा हुआ हो। रिश्तों में अंडरस्टैंडिंग के साथ सहयोगी रवैया रखता हो और मेरे अस्तित्व को समझता व उसका आदर करता हो। इस मामले में अधिकांश लड़कियों की तरह मेरे लिए भी मेरे पापा मेरे आदर्श हैं, जितना सहयोग उन्होंने मम्मी को किया वैसा ही मैं भी अपने जीवनसाथी से चाहूँगी।

बीई की छात्रा पूर्वी मिश्रा की राय भी बाकी दो युवतियों से ज्यादा अलग नहीं है। वे भी मानती हैं कि प्रिंस चार्मिंग की कल्पना अपनी जगह है और असल जिंदगी अपनी जगह। इसलिए असल जिंदगी से जुड़े फैसले करते समय आपको प्रैक्टिकल होना चाहिए। रियल लाइफ में कोई भी परफेक्ट नहीं होता, हर एक में खामियाँ हो सकती हैं।

ऐसे में केवल बाहरी सौंदर्य की जगह गुणों और अच्छाइयों को प्राथमिकता देनी चाहिए। पूर्वी मानती हैं कि किसी भी रिलेशनशिप का आधार आपसी समझ होती है, यही बात दांपत्य जीवन पर भी लागू होती है। वे अपने जीवन से ऐसे व्यक्ति को जोड़ना चाहेंगी जो समझदार हो, उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे और उनके करियर को भी उतना ही महत्व दे जितना खुद के करियर को।
आपके सपनों का राजकुमार कैसा है

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi