मथुरा। अधिकारियों को मंदिर प्रांगण में भोजन कराने के मामले में जुर्माने की सजा का सामना कर रहे वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के आरोपी सेवायत गोस्वामियों ने समिति के फैसले को मनमाना बताते हुए अदालत जाने का फैसला किया है।
प्रबंध समिति के फैसले पर उंगली उठाते हुए आरोपी सेवायत गोस्वामी आनंद किशोर ने कहा कि इस मामले में समिति को नोटिस जारी करने तथा जुर्माना लगाने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने बुधवार को मीडिया से कहा कि यदि कोई सेवायत गोस्वामी (मंदिर का अधिद्घत पुजारी) अदालत के आदेश के विरुद्घ आचरण करता है तो इस मामले में सुनवाई करने तथा फैसला सुनाने का अधिकार अदालत को है, न कि बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध समिति को।
उन्होंने समिति पर आरोप लगाया है कि प्रबंधन ने सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग मीडिया में देकर मंदिर को प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाई है। (भाषा)