Religion News %e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a4%a6 %e0%a4%93%e0%a4%b2%e0%a5%80 %e0%a4%a4%e0%a4%aa %e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a4%a8%e0%a4%be 112033000134_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia

आज के शुभ मुहूर्त

(धूमावती जयंती)
  • तिथि- अधि. ज्येष्ठ शुक्ल षष्ठी
  • अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:52 एएम से दोपहर 12:47 पीएम
  • त्योहार/व्रत/मुहूर्त- धूमावती जयंती
  • राहुकाल (अशुभ)- सुबह 10:37 एएम से दोपहर 12:19 पीएम
webdunia

नवपद ओली तप आराधना

Advertiesment
नवपद ओली
ND

उज्जैन के श्री ऋषभदेव छगनीराम पेढ़ी खाराकुआं पर 29 मार्च से नवपद ओली तप आराधना शुरू हो गई, जिसका समापन पारणा महोत्सव के साथ 7 अप्रैल को होगा। संभवतः यह पहला अवसर है, जब तपस्वियों को नौ दिवसीय इस आराधना में तीन आचार्य, 2 मुनि तथा 17 साध्वीजी का सान्निध्य प्राप्त होगा।

नौ दिवसीय इस ओली तप के दौरान 1 अप्रैल को श्री सिद्घचक्र महापूजन होगी। जैन शास्त्रों में उल्लेख है कि हजारों वर्ष पूर्व महाराजा श्रीपाल व मैना सुंदरी ने उज्जयिनी में तप आराधना की थी, जिससे उनका कुष्ठ रोग दूर हुआ व उन्हें अपना खोया हुआ राज्य वापस मिला था। इस कारण उज्जयिनी में खाराकुआं पेढ़ी स्थित श्री सिद्धचक्र आराधना तीर्थ में ओली आराधना करने का विशिष्ट महत्व है।

इसके चलते आराधना के लिए यहां विभिन्न स्थानों से श्रद्घालु आते हैं। इस दौरान आचार्य श्री जिनरत्न सागरजी, जीतरत्न सागरजी तथा चंद्ररत्नसागरजी व दो मुनि तथा साध्वीश्री शशिप्रभाश्रीजी, पुण्ययशाश्रीजी, साध्वी गुणरत्नाश्रीजी व साध्वी शासन ज्योतिश्रीजी के सान्निध्य में 9 दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम होंगे।

ऐसे होता है ओली तप : ओली तप में आराधक एक बैठक पर एक समय भोजन करता है। पानी उबला व भोजन रुखा अर्थात तेल, मिर्च-मसाले, नमक, घी, दूध, शक्कर-गुड़ आदि से रहित होता है। आराधक प्रातः 7 बजे भक्तामर पाठ, सामायिक, पूजन, प्रवचन श्रवण तथा दोपहर को देववंदन व संध्या प्रतिक्रमण तथा निर्धारित माला जाप करते हैं।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi