लखनऊ में रामनवमी की धूम
हनुमान मंदिरों में हो रहा विशेष आयोजन
Publish Date: Mon, 14 Apr 2008 (16:52 IST)
Updated Date: Wed, 09 Jul 2014 (20:41 IST)
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भगवान राम की उपासना करने की प्राचीन परम्परा है। श्रीराम जन्मदिन चैत्र रामनवमी के लिए विशेषकर हनुमान मंदिरों में विशेष आयोजनों की धूम देखने लायक होती है।मान्यता है कि लखनऊ को भगवान राम के अनुज वीरवर लक्ष्मणजी ने बसाया था। यहाँ के प्रायः सभी हनुमान मंदिरों में रामनवमी के दिन विशेष उल्लास का वातावरण होता है। भगवान राम के जन्मोत्सव के साथ मंदिरों में श्रृगांर होता है तथा भजन, कीर्तन में भक्तजन डूबे रहते हैं। अलीगंज का हुनमान मंदिर तो नवाबी युग का है वह इस क्षेत्र का सबसे प्राचीन हनुमान मंदिर है। यहां हनुमान जी का भव्य विग्रह है। |
| उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भगवान राम की उपासना करने की प्राचीन परम्परा है। श्रीराम जन्मदिन चैत्र रामनवमी के लिए विशेषकर हनुमान मंदिरों में विशेष आयोजनों की धूम देखने लायक होती है। |
|
|
छाछी कुआँ हनुमान मंदिर के विषय में मान्यता है कि इस मंदिर में संगमरमर की हनुमान जी की मूर्ति नैमिषारण्य जाते हुए लखनऊ यात्रा के समय गोस्वामी तुलसीदास जी ने इस विग्रह की प्रतिष्ठापना कराई थी। लखनऊ विश्वविद्यालय पुल पर स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर की स्थापना बाबा नीम करौली ने कराई थी । इस मंदिर में भजन कीर्तन और हनुमान जी की आराधना का दौर सुबह से ही शुरू हो गया है।
अमीनाबाद का हनुमान मंदिर और हजरतगंज के हनुमान मंदिरों में सुबह से ही भक्तजनों का तांता लग गया है। रामनवमी होने के कारण रामचरित मानस का अखण्ड पाठ स्थान-स्थान पर हो रहा है। नवाब वाजिद अली शाह लखनऊ के हिन्दू मंदिरों के रख-रखाव के लिए दिल खोलकर अनुदान देते थे।
जे. बी. चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा दूरदर्शन केन्द्र के सामने बलरामपुर गार्डन में, प्रख्यात कीर्तनकार (रामायणी) ‘तिवारी बन्धु’ के कर्णप्रिय मधुर स्वर में ‘हनुमान चालीसा’ का सामूहिक पाठ, लोकप्रिय पी.ए.सी.बैण्ड द्वारा रामधुन प्रस्तुति एवं भक्तों द्वारा भावपूर्ण नृत्य किया गया।
सुप्रसिद्ध रमेश द्विवेदीजी संचालक दुखभंजन श्रीबालाजी महाराज कृपास्थल तालकटोरा रोड लखनऊ द्वारा भावपूर्ण एवं अद्भुत राम - हनुमान संकीर्तन हुआ। सुविख्यात भजन गायक कुमार दीपक कोलकाता द्वारा हनुमत् प्रसंगों सहित सरस भजनों की अमृत वर्षा की। ‘ज्योति प्रार्थना’ तत्पश्चात् महाआरती का भी आयोजन किया गया है।
सुविख्यात साहबे आलम द्वारा शहनाई पर पारम्परिक एवं प्रचलित भजन धुनों का वादन अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोकप्रिय एवं सुमधुर गायक अंजुल शर्मा (आंजनेय) मुजफ्फरनगर द्वारा सुन्दरकाण्ड का सस्वर सामूहिक पाठ किया गया, इसी दिन राष्ट्रीय स्तर के कवियों द्वारा हनुमत कवि सम्मेलन हुआ।
सुप्रसिद्ध भजन गायक एवं शर्मा बंधु के पुत्र अंजुल शर्मा (आंजनेय) श्रीराम दरबार, मुजफ्फरनगर द्वारा हनुमत महिमा सहित अमोल भजनों की दिव्य पुष्पांजलि दी। ‘ज्योति प्रार्थना’ तत्पश्चात् महाआरती एवं प्रसाद वितरण हुआ। रामनवमी की शाम को श्रीराम रोड पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है जिसमें देश के विभिन्न स्थानों से नामी गिरामी कवि हिस्सा लेंगे।