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पुराणों की संख्‍या, सच और उनका इतिहास-1

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पुराण किसने लिखे, कब लिखे, कितनी है पुराणों की संख्‍या और क्या यह अप्रमाणिक ग्रंथ हैं? दूसरा सवाल कि क्या पुराणों में समय-समय पर संशोधन किए गए हैं? तीसरा सवाल कि क्या पुराण काल्पनिक ग्रंथ हैं? ऐसे कई सवाल हैं जिनता हम जबाब देंगे। फिलहाल जानिए पुराणों की संख्‍या और उनके नाम।
 
पुराणों की संख्या : 18
उप पुराणों की संख्‍या : अनुमानित 24 
 
पुराणों की संख्या मुख्‍यत: 18 बताई गई है:- विष्णु, पद्म, ब्रह्म, शिव, भागवत, नारद, मार्कंडेय, अग्नि, ब्रह्मवैवर्त, लिंग, वाराह, स्कंद, वामन, कूर्म, मत्स्य, गरूड़, ब्रह्मांड और भविष्य। 
 
इसे इस तरह समझें : ब्रह्म पुराण, पद्म पुराण, विष्णु पुराण, शिव पुराण (वायु पुराण), भागवत पुराण, (देवी भागवत पुराण), नारद पुराण, मार्कण्डेय पुराण, अग्नि पुराण, भविष्य पुराण, ब्रह्म वैवर्त पुराण, लिंग पुराण, वाराह पुराण, स्कन्द पुराण, वामन पुराण, कूर्म पुराण, मत्स्य पुराण, गरूड़ पुराण और ब्रह्माण्ड पुराण।
 
उप पुराण : गणेश पुराण, नरसिंह पुराण, कल्कि पुराण, एकाम्र पुराण, कपिल पुराण, दत्त पुराण, श्रीविष्णुधर्मोत्तर पुराण, मुद्गगल पुराण, सनत्कुमार पुराण, शिवधर्म पुराण, आचार्य पुराण, मानव पुराण, उश्ना पुराण, वरुण पुराण, कालिका पुराण, महेश्वर पुराण, साम्ब पुराण, सौर पुराण, पराशर पुराण, मरीच पुराण, भार्गव पुराण, हरिवंश पुराण और प्रज्ञा पुराण।
-अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'

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