Publish Date: Wed, 17 Aug 2016 (11:59 IST)
Updated Date: Wed, 17 Aug 2016 (12:11 IST)
भारत में बैडमिंटन का नाम आते ही साइना नेहवाल का नाम ज़हन में आता है। उसके पीवी सिंधु का ख्याल आता है, लेकिन रियो ओलंपिक में फिलहाल देश को सारी उम्मीदें सिंधु से हैं। पीवी सिंधु ने रियो ओलंपिक के महिला सिंगल्स क्वार्टर फाइनल में चीन की वांग यिहान को हराकर मेडल की एक बड़ी उम्मीद जगाई है।
वांग यिहान के खिलाफ जीत दर्ज करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। विश्व नंबर 2 वांग दो बार विश्व चैंपियन रह चुकीं हैं।
सेमीफाइनल में सिंधु का सामना जापान की नोज़ोमी ओकुहारा से होगा। ओकुहारा अपने करियर में विश्व नंबर 3 तक की रैंकिंग तक पहुंची हैं, जबकि सिंधु की सर्वोच्य रैंकिंग 9 है। यह एक अहम मैच होगा जिसमें काबिलियत के साथ साथ मानसिक मजबूती इनमें से किसी एक खिलाड़ी को पदक के करीब करेगी।
पीवी सिंधु हरा चुकी हैं ओकुहारा को :
रियो ओलंपिक के सेमीफाइनल में भिड़ने वाली इन दोनों खिलाड़ियों का सामना 2012 में यूथ अंडर-19 प्रतियोगिता के फाइनल में हो चुका है। इस मैच में सिंधु ने ओकुहारा को पटखनी दी थी।
सिंधु से अब पूरे देश को पदक की उम्मीद है। क्वार्टर फाइनल में जिस तरह से सिंधु ने खेल दिखाया है, उससे उनका आत्मविश्वास बहुत बढ़ गया होगा। यहां से वे भारत के लिए सोने का पदक भी जीत सकती हैं।