Publish Date: Wed, 10 Aug 2016 (19:10 IST)
Updated Date: Wed, 10 Aug 2016 (19:15 IST)
रियो डि जेनेरियो। लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल रियो में गुरुवार से भारतीय बैडमिंटन दल की अगुवाई करने उतरेंगी, जहां उन पर पर करोड़ों देशवासियों की उम्मीदों का भार और इन खेलों में भारत के असंतोषजनक प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए परिणाम दिलाने का दबाव भी रहेगा।
लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना महिला एकल में, तो विशेषज्ञ जोड़ी ज्वाला गुट्टा तथा अश्विनी पोनप्पा महिला युगल में पदक के प्रबल दावेदार खिलाड़ी हैं। भारत के 6 शटलर बैडमिंटन स्पर्धाओं में अपनी चुनौती पेश करने उतरेंगे, जहां उन पर बेहतर प्रदर्शन का काफी दबाव रहेगा।
साइना को बैडमिंटन में देश की सबसे बड़ी पदक उम्मीद माना जा रहा है। पूर्व नंबर एक खिलाड़ी साइना मौजूदा विश्व रैंकिंग में दुनिया की 5वें नंबर की एकल खिलाड़ी हैं।
ओलंपिक में साइना का सफर अब तक काफी सफल रहा है और वे लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने से पहले बीजिंग ओलंपिक 2008 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थीं। उम्मीद अब यही है कि साइना रियो में अपने पदक के रंग को बदल सकें।
साइना रियो ओलंपिक के ग्रुप जी में अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। भारतीय शटलर के लिए अच्छी बात यह है कि उनके ग्रुप में काफी निम्न रैंकिंग के खिलाड़ी हैं जिनमें लोहायिन विंसेंट और मारिया उलिटिना जैसी खिलाड़ी हैं।
राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद के बाद वर्ष 2014 से पूर्व मुख्य कोच विमल कुमार से अलग से ट्रेनिंग ले रहीं साइना अच्छी फॉर्म में हैं। विमल के नेतृत्व में उन्होंने ऑल इंग्लैंड और विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था जबकि इंडिया ओपन और चीन सुपर सीरीज में खिताब जीतकर दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी भी बनीं। (वार्ता)