| प्यार की डेटिंग अलग होती है लेकिन सगाई होते ही इस डेटिंग में कुछ अलग बात आ जाती है। इस संदर्भ में मँगेतर की आशाएँ बढ़ जाती हैं
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- किसी अच्छे से पार्क या रेस्तराँ में बैठें।
- दिन के वक्त मिलना ज्यादा ठीक रहता है।
- शिष्टता बनाए रखें चाहे मँगेतर कितना भी उतावला हो।
- आपका चरित्र बनाए रखना आपके हाथ में हैं, इसलिए अपनी दृढ़ता बनाए रखें।
- रीति-रिवाजों को सम्मानजनक शब्दों में परिभाषित करें।
- आपसी समझदारी की बातें करें।
- सेक्स जैसे मामलों में कुछ अनभिज्ञता दिखाएँ।