Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

परमाणु संयंत्र पर खतरा, यूक्रेन और रूस ने एक दूसरे को ठहराया जिम्मेदार

हमें फॉलो करें webdunia
रविवार, 28 अगस्त 2022 (09:29 IST)
कीव। यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैपोरिजिया के निकट गोलाबारी से संयंत्र से विकिरण रिसाव का खतरा बढ़ गया है। यूक्रेन का आरोप है कि रूसी सेनाओं ने जैपोरिजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निकट यूक्रेन के कब्जे वाले हिस्सों में मिसाइल और तोप से हमले किए। वहीं, रूस का दावा है कि यूक्रेन की ओर से दागे गए गोले उस इमारत पर गिरे हैं जिसमें परमाणु ईंधन रखा गया है। 
 
सबसे बड़ी चिंता परमाणु संयंत्र के रिएक्टर को ठंडा रखने की कूलिंग प्रणाली को लेकर है, जिसे चालू हालत में रखने के लिए बिजली की जरूरत होती है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने से पारेषण लाइन को हुई क्षति की वजह से संयंत्र को गुरुवार को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
 
जानकारों का मानना है कि कूलिंग प्रणाली के बंद होने से परमाणु रिएक्टर के अत्यधिक गर्म होने की वजह से हादसा हो सकता है।

इस बीच, यूक्रेनी अधिकारियों ने संयंत्र के करीब रहने वाले लोगों के बीच शुक्रवार को आयोडिन की गोलियां बांटीं, ताकि विकिरण होने की स्थिति में बचाव हो सके।
 
रूसी सेना ने इस परमाणु संयंत्र पर 6 महीने से जारी युद्ध की शुरुआत में ही कब्जा कर लिया था और यूक्रेन के स्थानीय कर्मियों ने इसका परिचालन जारी रखा। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर संयंत्र पर गोलाबारी करने का आरोप लगा रहे हैं जिससे इलाके में तबाही मचने की आशंका पैदा हो गई है।
 
यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा परिचालक एनर्गोटम ने कहा कि रुक-रुक कर हो रही गोलाबारी की वजह से ऊर्जा केंद्र के अवसंरचना को क्षति पहुंची है।
 
निप्रॉपेट्रोस क्षेत्र के गवर्नर वालेंटिन रेजनिचेंको ने नवीनतम संघर्ष की जानकारी देते हुए बताया कि रूसी ग्राड मिसाइल और तोप के गोलों से निकोपोल और मारहानेट्स पर हमले किये गये हैं। यह क्षेत्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निकट नीपर नदी के उस पार मात्र 10 किलोमीटर दूर स्थित है।
 
हालांकि, रूस के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इगोर कोनाशेंकोव ने दावा किया कि यूक्रेन की सेना ने मारहानेट्स से संयंत्र पर गोलाबारी की। उन्होंने कहा कि गत एक दिन में यूक्रेन के 17 गोले संयंत्र पर गिरे हैं जिनमें से चार गोले उस इमारत की छत पर गिरे हैं, जहां पर परमाणु ईंधन रखा गया है। दोनों पक्षों के दावों की तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी है।
 
संयुक्त राष्ट्र की संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) अपने निरीक्षक दल संयंत्र में भेजने के लिए समझौता करने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण की तैयारी की जा रही है, लेकिन अब तक स्पष्ट नहीं है कि यह कब संभव होगा।
 
इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यह जरूरी है कि आईएईए के प्रतिनिधि यथाशीघ्र संयंत्र जाएं और उसे यूक्रेन के स्थायी नियंत्रण’ में रखने में मदद करें। उन्होंने कहा कि स्थिति खतरनाक बनी हुई है।
 
यूक्रेन ने दावा किया है कि रूस हथियारों का भंडारण करने और उसके चारों ओर से हमले करने के लिए संयंत्र का इस्तेमाल ढाल के रूप में कर रहा है, जबकि रूस का आरोप है कि यूक्रेन परमाणु संयंत्र परिसर पर गोलाबारी कर रहा है। (भाषा)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

खाली हुई एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी, ट्विन टावर के पास सुरक्षा के कड़े इंतजाम (लाइव अपडेट्स)