Publish Date: Wed, 25 Feb 2015 (16:11 IST)
Updated Date: Wed, 25 Feb 2015 (16:23 IST)
ब्रह्मा के काल में हुए भगवान विष्णु को पालनहार माना जाता है। विष्णु ने ब्रह्मा के पुत्र भृगु की पुत्री लक्ष्मी से विवाह किया था। शिव ने ब्रह्मा के पुत्र दक्ष की कन्या सती से विवाह किया था। हिन्दू धर्म के अनुसार विष्णु परमेश्वर के 3 मुख्य रूपों में से एक रूप हैं। पुराणों की खाक छानने के बाद पता चलता हैं कि वे लगभग 9500 ईसापूर्व हुए थे। यहां प्रस्तुत है भगवान विष्णु का संक्षिप्त परिचय।
आनन्द: कर्दम: श्रीदश्चिक्लीत इति विश्रुत:।
ऋषय श्रिय: पुत्राश्च मयि श्रीर्देवी देवता।।- (ऋग्वेद 4/5/6)
नाम : विष्णु
वर्णन : हाथ में शंख, गदा, चक्र, कमल
पत्नी : लक्ष्मी
पुत्र : आनंद, कर्दम, श्रीद, चिक्लीत
शस्त्र : सुदर्शन चक्र
वाहन : गरूड़
विष्णु पार्षद : जय, विजय
विष्णु संदेशवाहक : नारद
निवास : क्षीरसागर (हिन्द महासागर)
ग्रंथ : विष्णु पुराण, भागवत पुराण, वराह पुराण, मत्स्य पुराण, कुर्म पुराण।
मंत्र : ॐ विष्णु नम:, ॐ नमो नारायण, हरि ॐ
प्रमुख अवतार : सनक, सनन्दन, सनातन, सनत्कुमार, हंसावतार, हयग्रीव, नील वराह, आदि वराह, श्वेत वराह, कुर्मा, मत्स्य, नर-नारायण, वामन, धन्वंतरि, मोहिनी, गजेन्द्रोधार, कपिल मुनि, दत्तात्रेय, पृथु, परशुराम, व्यास, राम, कृष्ण, बुद्ध और कल्की।
लक्ष्मी के 18 पुत्रों के नाम : भगवती लक्ष्मी के 18 पुत्र वर्ग कहे गए हैं। इनके नामों का प्रति शुक्रवार जप करने से मनोवांछित धन की प्राप्ति होती है।
*ॐ देवसखाय नम:
*ॐ चिक्लीताय नम:
*ॐ आनन्दाय नम:
*ॐ कर्दमाय नम:
*ॐ श्रीप्रदाय नम:
*ॐ जातवेदाय नम:
*ॐ अनुरागाय नम:
*ॐ सम्वादाय नम:
*ॐ विजयाय नम:
*ॐ वल्लभाय नम:
*ॐ मदाय नम:
*ॐ हर्षाय नम:
*ॐ बलाय नम:
*ॐ तेजसे नम:
*ॐ दमकाय नम:
*ॐ सलिलाय नम:
*ॐ गुग्गुलाय नम:
*ॐ कुरुण्टकाय नम:।
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Publish Date: Wed, 25 Feb 2015 (16:11 IST)
Updated Date: Wed, 25 Feb 2015 (16:23 IST)