Publish Date: Thu, 28 Apr 2016 (12:25 IST)
Updated Date: Thu, 28 Apr 2016 (12:55 IST)
ये है लोटन बाबा इनका नाम लोटन बाबा क्यों पड़ा? दरअसल, सड़क पर लोटते हुए ये बाबा एक अनोखी यात्रा पर निकले थे। अयोध्या से सड़क पर लोटते हुए ये बाबा कुंभ नगरी उज्जैन पहुंचे हैं। अयोध्या का फासला उज्जैन से लगभग 1000 किलोमीटर हैं। लोटन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन सिंहस्थ के लिए 12 अक्टूबर 2015 को अयोध्या से निकले थे।
लोटन बाबा पिछले 11 सालों से इसी तरीके से देशभर के धार्मिक स्थलों की यात्रा कर रहे हैं और इस बार वे कुंभ स्नान करने अयोध्या से आएं हैं। बाबा का कहना है कि वो देश और जन कल्याण के लिए लोटकर अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं।
हर रोज बाबा सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक लोटकर अपनी यात्रा पूरी करते हैं। रास्ते में भक्त बाबा के लिए सड़कों पर फूल बिछाते रहते हैं, बाबा की ये कठोर साधना देखने के लिए हजारों लोग हर रोज उनकी इस यात्रा के साथ जुड़ते हैं। लोटन बाबा की यह11वीं यात्रा है। सचमुच बहुत ही कठिन यात्रा है।