Publish Date: Wed, 09 Jan 2019 (16:14 IST)
Updated Date: Wed, 09 Jan 2019 (16:18 IST)
नई दिल्ली। भारत में खेल और खिलाड़ियों को डोपिंग से बचाने के लिए कार्य कर रही संस्था फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पेफी) भारत सरकार के खेलकूद एवं युवक कल्याण विभाग के सहयोग से नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) के साथ मिलकर दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन दिल्ली के डॉ भीमराव अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर जनपथ पर 30 और 31 जनवरी को करने जा रही है।
इस कांफ्रेंस में देश के राज्यों से करीब 1000 खिलाड़ी, प्रशिक्षक, स्कूलों और कालेजों में कार्यरत शारीरिक शिक्षक खेल पत्रकारिता के दिग्गज पत्रकारों सहित, और खेलकूद जुड़े लोग शामिल होंगे।
नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने अपने ऑफिस में कॉन्फ्रेंस के ब्रोशर को अनावरण करते हुए कहा कि खेलों में बढ़ती हुई प्रतिबंधित दवाइयों के सेवन के खिलाफ यह सेमिनार खिलाड़ी और प्रशिक्षकों को जागरूक करेगी जाने और अनजाने में खिलाड़ियों के द्वारा प्रतिबंधित दवाइयां लेने से न केवल उनके कैरियर पर प्रभाव पड़ता है साथ ही साथ उनके स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ता है।
डा. अग्रवाल ने बताया कि नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) द्वारा पूरे देश में फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के साथ मिलकर जागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है जिसमें के खिलाड़ियों शारीरिक शिक्षकों और खेल प्रशिक्षकों को प्रतिबंधित दवाइयों और उनके सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
इस अवसर पर पेफी के सचिव डॉ पीयूष जैन ने कहा कि विश्व खेल जगत में बढ़ती प्रतिस्पर्घा और पदक जीतने के जुनून में खिलाड़ी डोपिंग के जरिए अपना शारीरिक दमखम बढ़ाते हैं और पकड़े जाने पर प्रतिबंधित कर दिए जाते है। कई बार खिलाड़ी बीमारी के दौरान जानकारी के अभाव में कुछ प्रतिबंधित दवाएं ले लेता है और डोपिंग में फंस जाता है।
डा. जैन ने बताया की फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पेफी) समय-समय पर देश के विभिन्न राज्यों में और विश्वविद्यालयों में इस तरह के जागरूकता अभियान चलाती है जिससे कि हमारे युवा खिलाड़ी प्रतिबंधित दवाइयों के सेवन से बचें।
खेलों में बढ़ते हुए मान सम्मान और पैसे के लिए कुछ खिलाड़ी जाने अनजाने में इस तरह की दवाइयों का सेवन करते हैं और पकड़े जाने पर उन पर 2 साल से लेकर 8 साल तक का प्रतिबंध लग जाता है और उनका पूरा कैरियर खराब हो जाता है इसलिए आज जरूरत इस बात की है के हमारे खिलाड़ियों को शुरुआत से ही इन दवाइयों के बारे में जानकारी दी जाए जिससे कि वह लोग इनका सेवन ना करें। (वार्ता)
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Publish Date: Wed, 09 Jan 2019 (16:14 IST)
Updated Date: Wed, 09 Jan 2019 (16:18 IST)