Publish Date: Sat, 28 Nov 2015 (00:17 IST)
Updated Date: Sat, 28 Nov 2015 (00:19 IST)
नई दिल्ली। हॉकी इंडिया के प्रमुख नरिंदर बत्रा ने बीसीसीआई को पाकिस्तान के साथ दोबारा क्रिकेट संबंध उस समय शुरू करने के लिए फटकार लगाई है, जब देश के सैनिक अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए शहीद हो रहे हैं।
बीसीसीआई को श्रीलंका में पाकिस्तान से खेलने के लिए सरकार की स्वीकृति का इंतजार है। यह दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड के रवैए में पूर्ण बदलाव है जिसके सचिव अनुराग ठाकुर ने कुछ महीने पहले कहा था कि जब तक सीमा पार आतंकवाद नहीं रूक जाता तब तक क्रिकेट संबंध दोबारा शुरू नहीं किए जाएंगे।
सरकार का फैसला चाहे कुछ भी हो लेकिन बत्रा बीसीसीआई के फैसले से खुश नहीं हैं। बत्रा ने कहा, ‘कुछ हफ्ते पहले ही कर्नल संतोष महादिक शहीद हुए और बीसीसीआई पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना चाहता है। मैं बीसीसीआई के रवैए में बदलाव से हैरान हूं। यहां तक कि जुलाई में भी उनकी (बीसीसीआई) सोच अलग थी और अनुराग ठाकुर ने आतंकवाद रूकने तक पाकिस्तान से संबंधों से इनकार किया था। अब नेतृत्व बदलाव के बाद शशांक मनोहर के आने पर मन बदल गया है।’
अगस्त में ठाकुर का ट्वीट सुर्खियां बना था, जिसमें उन्होंने लिखा था, ‘दाऊद कराची में है। एनएसए यहां अलगाववादियों से मिलना चाहता है। क्या आप शांति को लेकर सचमुच गंभीर हो और आप चाहते हैं कि हम आपके (पाकिस्तान) साथ क्रिकेट खेलें।’
बत्रा ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड को पूरे देश की जनता की भावनाओं पर वित्तीय फायदे को चुनने को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा, ‘यह (बीसीसीआई पाकिस्तान से खेलना चाहता है) पैसे से जुड़ा है लेकिन इस तरह के समय में आपको वित्तीय फायदे से ऊपर उठकर सोचना चाहिए। हम सभी को पता है कि हाकी इंडिया को पैसे की जरूरत बीसीसीआई से अधिक है लेकिन हमने सीमापार आतंकवाद को देखते हुए 2012 में ही पाकिस्तान के साथ सहमति पत्र को रद्द कर दिया था। बत्रा ने सोशल मीडिया पर भी अपनी नाराजगी और हताशा निकाली।
उन्होंने कहा कि आज हॉकी में पैसे की कमी है और पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय श्रृंखला से हॉकी इंडिया लगभग पांच करोड़ रुपए तक का मुनाफा कमा सकता है लेकिन देश का सम्मान और हमारे शहीद हमारे लिए अधिक महत्वपूर्ण हैं। जब पाकिस्तान का सवाल हो तो हॉकी इंडिया के लिए पैसा कोई मायने नहीं रखता।
बत्रा ने दोहराया कि जब तब दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार नहीं होता और पाकिस्तान हॉकी महासंघ 2014 में भुवनेश्वर में चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान अपने खिलाड़ियों के खराब व्यवहार के लिए माफी नहीं मांगता तब तक भारतीय हाकी टीम पाकिस्तान से द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेलेगी।
बत्रा को हालांकि लगता है कि बीसीसीआई का सरकार से क्रिकेट श्रृंखला के लिए स्वीकृति मांगना महज औपचारिकता है, उन्होंने उम्मीद जताई कि यह श्रृंखला नहीं होगी।
उन्होंने कहा मुझे उम्मीद है कि बीसीसीआई श्रीलंका में पाकिस्तान के साथ अपनी द्विपक्षीय श्रृंखला को रद्द कर देगा। मुझे पता है कि आपमें से कुछ लोग कह सकते हैं कि खेल और राजनीति को नहीं मिलाना चाहिए लेकिन पाकिस्तान के मामले में ऐसा नहीं है। (भाषा)