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मेरा अगला लक्ष्य इंडोनेशिया ओपन : पीवी सिंधु

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PV Sindhu
नई दिल्ली। लगातार तीसरा मकाऊ ग्रां प्री गोल्ड खिताब जीतने वाली भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को खुशी है कि पैर की चोट से उबरकर वे सफल वापसी कर सकीं।
दो बार विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता रही सिंधु डेनमार्क ओपन में उपविजेता रहीं, जो उनका पहला सुपर सीरीज फाइनल था। इसके अलावा मकाऊ ओपन में सत्र का पहला खिताब जीता।
 
हैदराबाद की इस 20 वर्षीय खिलाड़ी की नजरें अब 1 दिसंबर से शुरू हो रहे इंडोनेशिया मास्टर्स ग्रां प्री गोल्ड पर है। 
 
उन्होंने कहा कि यह बेहतरीन जीत थी। मैं इससे बहुत खुश हूं। अब मेरा अगला लक्ष्य इंडोनेशिया है। मकाऊ में यह खिताब की हैट्रिक रही और कुल मिलाकर प्रदर्शन अच्छा रहा। मितानी अच्छी खिलाड़ी है। मैं जापान ओपन में उससे हारी थी और मुझे खुशी है कि यहां उसे हरा सकी। 
 
उन्होंने कहा कि मैं दूसरे गेम में ही जीत जाती लेकिन निर्णायक मौकों पर 2 स्मैश नेट के भीतर चले गए, जो काफी निराशाजनक था। तीसरे गेम में हालांकि मैने बढत बनाई और कायम रखी। 
 
स्टेडियम के हालात के बारे में पूछने पर सिंधु ने कहा कि हर जगह शटल को भांपना मुश्किल होता है। हम शिकायत नहीं कर सकते, क्योंकि सभी के लिए यह समान था। 
 
आने वाले सत्र के बारे में उन्होंने कहा कि जनवरी में आईबीएल खेलना है। इसके बाद सैयद मोदी, इंडियन ओपन वगैरह हैं। यह ओलंपिक साल है लिहाजा हर टूर्नामेंट अहम होगा और मैं उम्मीद करती हूं कि प्रदर्शन में लगातार सुधार आएगा।
 
इस सत्र में सिंधु का सफर उतार-चढ़ावभरा रहा। बाएं पैर में फ्रैक्चर के कारण वे ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप और इंडिया ओपन जैसे कई अहम टूर्नामेंट नहीं खेल सकीं। वापसी करने पर वे ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और चीनी ताइपै में जल्दी बाहर हो गईं। 
 
उन्होंने ओलंपिक चैंपियन लि शुरूइ को हराया लेकिन जापान में मितानी से हार गईं लेकिन वापसी करके डेनमार्क ओपन फाइनल में प्रवेश किया।
 
इस सत्र के बारे में सिंधु ने कहा कि यह सत्र ठीक रहा। चोट से आने के बाद प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा लेकिन अब मैं पूरी तरह ठीक हूं। डेनमार्क में फाइनल खेला, जो मेरा पहला सुपर सीरीज फाइनल था और फिर मकाऊ में जीत दर्ज की। 
 
उन्होंने कहा कि सबसे दुखद यह था कि बढ़त बनाने के बाद मैं मैच हार रही थी और ऐसे कई मैच थे। चोट जीवन का हिस्सा है और उस पर नियंत्रण नहीं होता। मैं 3-4 महीने खेल नहीं सकी, जो काफी कठिन था। ऐसे में संयम जरूरी था ताकि दमदार वापसी हो सके। इसमें समय लगता है लेकिन मुझे वापसी की खुशी है। (भाषा) 

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