Publish Date: Tue, 02 Aug 2016 (17:30 IST)
Updated Date: Tue, 02 Aug 2016 (17:33 IST)
लंदन। रियो ओलंपिक में चंद दिन शेष रहते ब्रिटेन के एक अखबार ने दावा किया है कि रियो में मुक्केबाजी के कुछ मुकाबलों को फिक्स किया जा सकता है लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबा) ने भ्रष्टाचार के इन आरोपों को खारिज करते हुए प्रमाण की मांग की है।
अखबार 'द गार्जियन' ने कई सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि कई सीनियर रैफरी और जजों का एक समूह किसी बड़ी चैंपियनशिप से पहले मिलता है जहां वे तय करते हैं कि किस तरह हाथों और सिर के संकेतों के जरिए विजेता को चुनना है।
'द गार्जियन' ने अपनी रिपोर्ट में कहा, एमेच्योर मुक्केबाजी में सीनियर लोगों ने चेतावनी दी है कि ओलंपिक में मैडल मुकाबलों सहित कुछ मुकाबले फिक्स किए जा सकते हैं। अधिकारी अपनी ताकत का इस्तेमाल कर ड्रॉ में साठगांठ कर सकते हैं और जज यह तय कर सकते हैं कि कुछ मुक्केबाज जीतें।
अखबार ने इस रिपोर्ट के बाद आईबा के हवाले से कहा, हम दोहराते हैं कि जब तक ठोस सबूत सामने न लाए जाएं तब तक हम इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। हमारी भूमिका निष्पक्ष और पारदर्शी टूर्नामेंट सुनिश्चित करने की है ताकि दुनियाभर से करोड़ों प्रशंसक एक शानदार टूर्नामेंट देख सकें जिसमें 13 महान स्वर्ण पदक विजेता उतरेंगे। आईबा का काम खेल नियमों के तहत जजों के फैसले में हस्तक्षेप करना नहीं है। (वार्ता)