Publish Date: Sat, 16 Jan 2016 (15:11 IST)
Updated Date: Sat, 16 Jan 2016 (15:16 IST)
नई दिल्ली। लंदन ओलंपिक के रजत पदक विजेता मैथियास बोए को लगता है कि भारत की साइना नेहवाल और पीवी सिंधू इस वर्ष रियो ओलंपिक में पदक जीत सकती हैं क्योंकि बैडमिंटन और खासकर महिला एकल में चीन का वर्चस्व अब समाप्त होता दिख रहा है। डेनमार्क के इस खिलाड़ी का मानना है कि चीन की महिला एकल खिलाड़ी अब थोड़ी पुरानी दिख रही हैं, लेकिन उनको एकदम से खारिज कर देना गलती होगी।
प्रीमियर बैडमिंटन लीग (पीबीएल) में मुंबई रॉकेट्स की तरफ से खेलने के लिए भारत में मौजूद बोए ने कहा, ‘अगर आप पिछले कुछ प्रतियोगिताओं को देखें तो उनका प्रदर्शन उसके अनुरूप नहीं रहा जिसके लिए वे जाने जाते हैं। हो सकता है वे कुछ अलग करने का प्रयास कर रहे हों, यह मैं नहीं जानता। इसके बारे में ओलंपिक के बाद बेहतर तरीके से बात की जा सकती है। अगर वे सभी पांच स्वर्ण पदक जीत लेते हैं, तो हम लोग ऐसा नहीं कह सकते। लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि अब उनका वर्चस्व नहीं है।’
उन्होंने कहा, ‘जैसा कि महिला एकल में शीर्ष चार में उनकी खिलाड़ियां रहती थीं, लेकिन इस समय उनकी केवल एक खिलाड़ी है। पुरुष एकल में उनके पास केवल चेन लांग हैं, वे सर्वश्रेष्ठ हैं और मिश्रित युगल एवं महिला युगल में उनके पास सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं। हालांकि मैं कहूंगा कि उन लोगों ने खासकर महिला एकल में संघर्ष किया जहां उनका हमेशा से वर्चस्व रहा है। वे कुछ पुरानी दिख रही हैं लेकिन उनको खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि यह गलती होगी।’
ओलंपिक में भारत की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि साइना और सिंधू के पास अवसर हैं और वे जीत सकती हैं। बोए ने कहा कि दोनों शीर्ष दस में शामिल हैं और अपने करियर के सबसे अच्छे दौर में हैं, ऐसे में अगर वे दबाव झेल लेती हैं, ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिला सकती हैं। (भाषा)