Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

पैरालंपियन्स ने तो ओलंपियन्स को भी पछाड़ दिया, हर पांचवें खिलाड़ी ने जीता पदक

हमें फॉलो करें webdunia
बुधवार, 1 सितम्बर 2021 (15:23 IST)
टोक्यो पैरालम्पिक में लगातार शानदार प्रदर्शन के बीच सातवें दिन तीन पदक और जीतने के बाद इन खेलों के इतिहास में पहली बार भारत ने दोहरे अंक को छुआ जबकि ऊंची कूद में रजत और कांस्य दोनों पदक भारत की झोली में गिरे ।

भारत के अब 10 पदक हो गए हैं जिनमें दो स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य शामिल है। पैरालम्पिक खेलों में भारत का यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यही नहीं अगर इस बार टोक्यो में भारत ओलंपियन और पैरालंपियन के प्रदर्शन की तुलना की जाए तो पैरालंपियन भारतीय ओलंपियन से आगे निकल चुके हैं।

हर पांचवे पैरालंपियन ने जीता पदक

ओलंपिक की तरह पैरालंपिक में भी भारत ने अब तक का सबसे बड़ा दल भेजा था। कुल 54 पैरा एथलीट भारत के लिए विभिन्न खेलों में जी जान लड़ा रहे हैं और इनमें से 10 खिलाड़ी मेडल जीत भी चुके हैं और अभी पैरालंपिक समाप्त होने में 5 दिन बाकी हैं। अगर अनुपात की तुलना की जाए तो 54 खिलाड़ियों में से 10 खिलाड़ी पदक लाने में सफल हुआ है। इसका मतलब यह निकाला जा सकता है कि (10/54)हर पांचवे खिलाड़ी के पास (5.4) पदक आया है।

वहीं टोक्यो पैरालंपिक में भारत ने 128 खिलाड़ियों का दल भेजा था और भारत 7 मेडल जीतने में सक्षम हुआ था। इसका अनुपात अगर देखें तो 7/128 का है जो पैरालंपियन के अनुपात से कहीं नीचे है।
webdunia

सिर्फ ब्रोन्ज में पीछे पैरालंपियन

अगर मेडल के आधार पर भी इस तुलना को आगे बढाए तो पैरालंपियन ने ओलंपियन्स से ज्यादा गोल्ड और सिल्वर मेडल जीते हैं। सिर्फ ब्रॉन्ज मेडल में पैरालंपियन ओलंपियन से नीचे हैं लेकिन 5 दिन के समय में वह उतने ब्रॉन्ज मेडल जीत सकते हैं जितने टोक्यो में गए ओलंपियन ने जीते थे। या फिर वह आगे भी जा सकते हैं।

पैरालंपियन- 2 गोल्ड , ओलंपियन -1 गोल्ड

अवनि लेखरा ने 10 मीटर एयर रायफल में भारत को टोक्यो पैरालंपिक का पहला गोल्ड मेडल दिलाया था। वहीं सुमित अंतिल ने 68 मीटर तक भाला फेंक कर भारत को टोक्यो पैरालंपिक्स में दूसरा गोल़्ड मेडल जिताया। भारत को टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड के लिए आखिरी दिन का इंतजार करना पड़ा जब नीरज चोपड़ा ने 87.58 की दूरी तक भाला फेंक कर जैवलिन थ्रो में भारत को गोल्ड मेडल जिताया। यह ओलंपिक के एथलेटिक्स में भारत का पहला मेडल भी था।

पैरालंपियन-5 सिल्वर, ओलंपियन- 2 सिल्वर

टोक्यो पैरालंपियन ने सिल्वर मेडल की झड़ी लगा रखी है। सबसे पहले भाविनाबेन पटेल में फाइनल में पहुंचकर अपना सिल्वर मेडल पक्का किया। इसके बाद निशाद ने ऊंचीकूद टी47 स्पर्धा में रजत पदक जीता।  मरियप्पन ने भी ऊंची कूद में सिल्वर मेडल जीता देवेंद्र झांझरिया ने जैवलिन थ्रो में सिल्वर मेडल जीता वहीं योगेश ने डिस्कस थ्रो में रजत पदक हासिल किया।
webdunia

ओलंपियन्स की बात करें तो भारत के लिए 49 किलोग्राम वर्ग में मीराबाई चानू ने भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद पहलवानी में रवि दहिया ने भारत के लिए दूसरा सिल्वर मेडल जीता।

पैरालंपियन-3 ब्रॉन्ज, ओलंपियन- 4 ब्रॉन्ज

सिर्फ ब्रॉन्ज मेडल में पैरालंपियन ओलंपियन से पीछे हैं। टोक्यो ओलंपिक्स में बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु, मुक्केबाज लवलीना और पहलवान बजरंग पुनिया ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वहीं पुरुष हॉकी टीम ने भी लंबे समय बार ब्रॉन्ज मेडल जीता।

पैरालंपियन अभी तीन ब्रॉन्ज मेडल जीत पाए हैं। इसमें से शरद कुमार ने ऊंची कूद में सिंहराज अडाना ने शूटिंग में और सुंदर सिंह ने भाला फेंक में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। हालांकि पैरालंपिक में 5 दिन बाकी है और आशा है कि मेडल के इस वर्ग में भी पैरालंपिक ओलंपिक खिलाड़ियों से आगे निकलेंगे। (वेबदुनिया डेस्क)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

2 बहनों को अफगानिस्तान में छोड़ कनाडा गई यह महिला क्रिकेटर ICC पर बरसी