Publish Date: Sun, 15 Nov 2015 (18:49 IST)
Updated Date: Sun, 15 Nov 2015 (18:54 IST)
नई दिल्ली। प्रो मुक्केबाजी में अपने करियर की धमाकेदार शुरुआत कर चुके सुपर स्टार मुक्केबाज विजेंदर सिंह अब दिल्ली में अपने देशवासियों के सामने एक प्रो मुकाबला खेलना चाहते हैं।
लंदन और डबलिन में अपने पहले दो प्रो मुकाबलों में प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाजों को क्रमश: तीन राउंड और तीन मिनट में धूल चटाने वाले विजेंदर ने कहा, मेरी अगली बाउट दिसंबर में है और उसके बाद यूरोप में ठंड का मौसम हो जाएगा और उस दौरान मैं ब्रेक पर रहूंगा।
उन्होंने कहा, मैं चाहता हूं कि उसके बाद अगली बाउट मेरी देशवासियों के सामने भारत में हो। मैं अपने प्रमोटर के साथ बात कर रहा हूं और यदि सब कुछ ठीक रहा तो फरवरी और मार्च में दिल्ली के आईजी स्टेडियम में यह बाउट कराई जा सकती है।
प्रो मुक्केबाजी में उनकी धमाकेदार शुरुआत से अन्य भारतीय मुक्केबाजों के प्रेरित होने के बारे में पूछे जाने पर विजेन्दर ने कहा, मेरे पास काफी मुक्केबाजों के फोन आ रहे हैं, जो प्रो मुक्केबाजी में उतरना चाहते हैं लेकिन मेरी इन मुक्केबाजों को एक सलाह है कि वे पहले ओलंपिक क्वालिफाई करने की अपनी तैयारी को पूरा करें और यदि वे ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाते हैं, तभी जाकर प्रो मुक्केबाजी में उतरें।
विजेन्दर ने साथ ही कहा, प्रो मुक्केबाजी में उतना आसान नहीं है, जितना मुक्केबाज सोचते हैं। आपको पहले खुद को पंजीकृत कराना होगा, फिर उसी के हिसाब से तैयारी करनी होगी और आपके पास प्रमोटर भी होना चाहिए, जो आपको इस क्षेत्र में सही दिशा में प्रमोट कर सकें।
उन्होंने कहा, प्रो मुक्केबाजी एमेच्योर के मुकाबले काफी मुश्किल है। इसकी ट्रेनिंग जबरदस्त होती है और जब तक आप जीतते हैं सबकुछ ठीक रहता है, लेकिन हारने में आपका ग्राफ नीचे आने लगता है। इस स्तर को बनाए रखना ही सबसे बड़ी चुनौती है।
विजेन्दर ने कहा, मैं अभी इस सफलता का इतनी जल्दी जश्न नहीं मनाना चाहता। मैं धीरे-धीरे आगे बढ़ना चाहता हूं। अगले साल तक मैं एशियाई, यूरोपियन और कामनवेल्थ टाइटल के लिए उतरूंगा और उसके बाद जाकर ही वर्ल्ड टाइटल के बारे में सोचूंगा।
उन्होंने कहा, अभी तेरी तैयारी छह राउंड तक के बाउट के लिए चल रही है। वर्ल्ड टाइटल के 12 राउंड के बाउट के लिए मुझे उसके हिसाब से मेहनत करनी होगी लेकिन उसमें अभी समय लगेगा।
भारतीय मुक्केबाज ने लंदन में अपने पहले मुकाबले में सोनी विटिंग को पराजित किया था और फिर डबलिन में दूसरे मुकाबले में डीन गिलेन को तीन मिनट में ही धो दिया था। विजेंदर के जोरदार प्रहार के बाद गिलेन उठने लायक नहीं रहे। इस मुकाबले के बारे में विजेंदर ने कहा, मेरा पंच गिलेन की पसलियों में लगा था और बाउट के बाद मैंने उनसे पूछा भी था कि पसलियों में कहीं ज्यादा चोट तो नहीं आई।
उन्होंने एमेच्योर और प्रो मुक्केबाजी के अंतर के बारे में कहा, एमेच्योर में आप एक राउंड में बाहर हो सकते हैं और पदक राउंड तक भी जा सकते हैं, लेकिन यहां आपके पास एक मुकाबला होता है और आपको अपना शत-प्रतिशत प्रदर्शन करना होता है तभी आप जीत पाते हैं। (वार्ता)